18 नवंबर 2015 को पटना का चौघड़िया

बुधवार, 18 नवंबर 2015, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 18 नवंबर 2015 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (00:39, 19 नव॰ तक), नक्षत्र श्रवण (19:54 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:08 पर और सूर्यास्त 17:00 पर है। राहुकाल 11:34 से 12:55 तक है।

दिन और रात
दिन 06:08 – 17:00
रात 06:09 तक
तिथि
सप्तमी, 00:39 तक
अष्टमी
नक्षत्र
श्रवण, 19:54 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 नवंबर 2015 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:08 – 07:30शुभ
अमृत07:30 – 08:51शुभ
काल08:51 – 10:12टालें
शुभ10:12 – 11:34शुभ
रोग11:34 – 12:55टालें
उद्वेग12:55 – 14:17टालें
चर14:17 – 15:38सामान्य
लाभ15:38 – 17:00शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:00 – 18:38टालें
शुभ18:38 – 20:17शुभ
अमृत20:17 – 21:56शुभ
चर21:56 – 23:34सामान्य
रोग23:34 – 01:13टालें
काल01:13 – 02:52टालें
लाभ02:52 – 04:30शुभ
उद्वेग04:30 – 06:09टालें

18 नवंबर 2015 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 00:39, 19 नव॰ तक
शुक्ल अष्टमी 23:08, 19 नव॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 19:54 तक
धनिष्ठा 19:08, 19 नव॰ तक
योग
वृद्धि 22:20 तक
ध्रुव 19:58, 19 नव॰ तक
करण
गर 13:14 तक
वणिज 00:39, 19 नव॰ तक
विष्टि (भद्रा) 11:57, 19 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:08
सूर्यास्त
17:00
चंद्रोदय
11:24
चंद्रास्त
22:57
दिनमान
10h 51m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2072
शक संवत
1937, मन्मथ संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:23 – 05:16
अभिजीत मुहूर्त
11:12 – 11:56 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:34 – 12:55
यमगंड
07:30 – 08:51
गुलिक काल
10:12 – 11:34

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:0807:02दिन
चंद्र07:0207:57दिन
शनि07:5708:51दिन
गुरु08:5109:45दिन
मंगल09:4510:40दिन
सूर्य10:4011:34दिन
शुक्र11:3412:28दिन
बुध12:2813:22दिन
चंद्र13:2214:17दिन
शनि14:1715:11दिन
गुरु15:1116:05दिन
मंगल16:0517:00दिन
सूर्य17:0018:05रात
शुक्र18:0519:11रात
बुध19:1120:17रात
चंद्र20:1721:23रात
शनि21:2322:28रात
गुरु22:2823:34रात
मंगल23:3400:40रात
सूर्य00:4001:46रात
शुक्र01:4602:52रात
बुध02:5203:57रात
चंद्र03:5705:03रात
शनि05:0306:09रात

अयनांश 24.0789° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।