16 अक्टूबर 2016 को पटना का चौघड़िया

रविवार, 16 अक्टूबर 2016, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 16 अक्टूबर 2016 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (09:53 तक), नक्षत्र रेवती (11:14 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 05:48 पर और सूर्यास्त 17:20 पर है। राहुकाल 15:54 से 17:20 तक है।

दिन और रात
दिन 05:48 – 17:20
रात 05:49 तक
तिथि
पूर्णिमा, 09:53 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
रेवती, 11:14 तक
अश्विनी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 अक्टूबर 2016 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:48 – 07:15टालें
चर07:15 – 08:41सामान्य
लाभ08:41 – 10:08शुभ
अमृत10:08 – 11:34शुभ
काल11:34 – 13:01टालें
शुभ13:01 – 14:27शुभ
रोग14:27 – 15:54टालें
उद्वेग15:54 – 17:20टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:20 – 18:54शुभ
अमृत18:54 – 20:28शुभ
चर20:28 – 22:01सामान्य
रोग22:01 – 23:35टालें
काल23:35 – 01:08टालें
लाभ01:08 – 02:42शुभ
उद्वेग02:42 – 04:15टालें
शुभ04:15 – 05:49शुभ

16 अक्टूबर 2016 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
पूर्णिमा 09:53 तक
कृष्ण प्रतिपदा 06:08, 17 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रेवती 11:14 तक
अश्विनी 08:16, 17 अक्टू॰ तक
योग
हर्षण 22:18 तक
वज्रअशुभ 18:01, 17 अक्टू॰ तक
करण
बव 09:53 तक
बालव 20:01 तक
कौलव 06:08, 17 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
मीन 11:14 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:48
सूर्यास्त
17:20
चंद्रोदय
17:44
चंद्रास्त
05:39
दिनमान
11h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2073
शक संवत
1938, दुर्मुख संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:09 – 04:58
अभिजीत मुहूर्त
11:11 – 11:57

अशुभ समय

राहुकाल
15:54 – 17:20
यमगंड
11:34 – 13:01
गुलिक काल
14:27 – 15:54

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:4806:46दिन
शुक्र06:4607:43दिन
बुध07:4308:41दिन
चंद्र08:4109:39दिन
शनि09:3910:37दिन
गुरु10:3711:34दिन
मंगल11:3412:32दिन
सूर्य12:3213:30दिन
शुक्र13:3014:27दिन
बुध14:2715:25दिन
चंद्र15:2516:23दिन
शनि16:2317:20दिन
गुरु17:2018:23रात
मंगल18:2319:25रात
सूर्य19:2520:28रात
शुक्र20:2821:30रात
बुध21:3022:32रात
चंद्र22:3223:35रात
शनि23:3500:37रात
गुरु00:3701:39रात
मंगल01:3902:42रात
सूर्य02:4203:44रात
शुक्र03:4404:46रात
बुध04:4605:49रात

अयनांश 24.0916° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।