22 अक्टूबर 2016 को पटना का चौघड़िया

शनिवार, 22 अक्टूबर 2016, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 22 अक्टूबर 2016 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (13:10 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (20:26 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:51 पर और सूर्यास्त 17:15 पर है। राहुकाल 08:42 से 10:08 तक है।

दिन और रात
दिन 05:51 – 17:15
रात 05:52 तक
तिथि
सप्तमी, 13:10 तक
अष्टमी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 20:26 तक
पुष्य
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 अक्टूबर 2016 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:51 – 07:17टालें
शुभ07:17 – 08:42शुभ
रोग08:42 – 10:08टालें
उद्वेग10:08 – 11:33टालें
चर11:33 – 12:59सामान्य
लाभ12:59 – 14:24शुभ
अमृत14:24 – 15:50शुभ
काल15:50 – 17:15टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:15 – 18:50शुभ
उद्वेग18:50 – 20:24टालें
शुभ20:24 – 21:59शुभ
अमृत21:59 – 23:33शुभ
चर23:33 – 01:08सामान्य
रोग01:08 – 02:43टालें
काल02:43 – 04:17टालें
लाभ04:17 – 05:52शुभ

22 अक्टूबर 2016 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 13:10 तक
कृष्ण अष्टमी 12:28, 23 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 20:38, 23 अक्टू॰ तक
योग
सिद्ध 22:19 तक
साध्य 20:50, 23 अक्टू॰ तक
करण
बव 13:10 तक
बालव 00:43, 23 अक्टू॰ तक
कौलव 12:28, 23 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 14:30 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:51
सूर्यास्त
17:15
चंद्रोदय
23:11
चंद्रास्त
11:54
दिनमान
11h 24m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2073
शक संवत
1938, दुर्मुख संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:11 – 05:01
अभिजीत मुहूर्त
11:10 – 11:56

अशुभ समय

राहुकाल
08:42 – 10:08
यमगंड
12:59 – 14:24
गुलिक काल
05:51 – 07:17

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:5106:48दिन
गुरु06:4807:45दिन
मंगल07:4508:42दिन
सूर्य08:4209:39दिन
शुक्र09:3910:36दिन
बुध10:3611:33दिन
चंद्र11:3312:30दिन
शनि12:3013:27दिन
गुरु13:2714:24दिन
मंगल14:2415:21दिन
सूर्य15:2116:18दिन
शुक्र16:1817:15दिन
बुध17:1518:18रात
चंद्र18:1819:21रात
शनि19:2120:24रात
गुरु20:2421:27रात
मंगल21:2722:30रात
सूर्य22:3023:33रात
शुक्र23:3300:37रात
बुध00:3701:40रात
चंद्र01:4002:43रात
शनि02:4303:46रात
गुरु03:4604:49रात
मंगल04:4905:52रात

अयनांश 24.0918° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।