26 अक्टूबर 2017 को पटना का चौघड़िया

गुरुवार, 26 अक्टूबर 2017, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 26 अक्टूबर 2017 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (12:15 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (23:52 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 05:53 पर और सूर्यास्त 17:12 पर है। राहुकाल 12:58 से 14:22 तक है।

दिन और रात
दिन 05:53 – 17:12
रात 05:54 तक
तिथि
षष्ठी, 12:15 तक
सप्तमी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 23:52 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 अक्टूबर 2017 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:53 – 07:18शुभ
रोग07:18 – 08:43टालें
उद्वेग08:43 – 10:08टालें
चर10:08 – 11:33सामान्य
लाभ11:33 – 12:58शुभ
अमृत12:58 – 14:22शुभ
काल14:22 – 15:47टालें
शुभ15:47 – 17:12शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:12 – 18:47शुभ
चर18:47 – 20:23सामान्य
रोग20:23 – 21:58टालें
काल21:58 – 23:33टालें
लाभ23:33 – 01:08शुभ
उद्वेग01:08 – 02:44टालें
शुभ02:44 – 04:19शुभ
अमृत04:19 – 05:54शुभ

26 अक्टूबर 2017 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 12:15 तक
शुक्ल सप्तमी 14:45, 27 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 02:41, 28 अक्टू॰ तक
योग
सुकर्मा 18:42 तक
धृति 19:32, 27 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 12:15 तक
गर 01:32, 27 अक्टू॰ तक
वणिज 14:45, 27 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:53
सूर्यास्त
17:12
चंद्रोदय
11:11
चंद्रास्त
22:14
दिनमान
11h 19m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2074
शक संवत
1939, हेमलंब संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:12 – 05:03
अभिजीत मुहूर्त
11:10 – 11:55

अशुभ समय

राहुकाल
12:58 – 14:22
यमगंड
05:53 – 07:18
गुलिक काल
08:43 – 10:08

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:5306:50दिन
मंगल06:5007:47दिन
सूर्य07:4708:43दिन
शुक्र08:4309:40दिन
बुध09:4010:36दिन
चंद्र10:3611:33दिन
शनि11:3312:29दिन
गुरु12:2913:26दिन
मंगल13:2614:22दिन
सूर्य14:2215:19दिन
शुक्र15:1916:16दिन
बुध16:1617:12दिन
चंद्र17:1218:16रात
शनि18:1619:19रात
गुरु19:1920:23रात
मंगल20:2321:26रात
सूर्य21:2622:30रात
शुक्र22:3023:33रात
बुध23:3300:37रात
चंद्र00:3701:40रात
शनि01:4002:44रात
गुरु02:4403:47रात
मंगल03:4704:51रात
सूर्य04:5105:54रात

अयनांश 24.1059° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।