7 नवंबर 2017 को पटना का चौघड़िया

मंगलवार, 7 नवंबर 2017, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 7 नवंबर 2017 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (21:51 तक), नक्षत्र मृगशिरा (17:29 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:01 पर और सूर्यास्त 17:04 पर है। राहुकाल 14:18 से 15:41 तक है।

दिन और रात
दिन 06:01 – 17:04
रात 06:02 तक
तिथि
चतुर्थी, 21:51 तक
पंचमी
नक्षत्र
मृगशिरा, 17:29 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 नवंबर 2017 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:01 – 07:24टालें
उद्वेग07:24 – 08:47टालें
चर08:47 – 10:10सामान्य
लाभ10:10 – 11:32शुभ
अमृत11:32 – 12:55शुभ
काल12:55 – 14:18टालें
शुभ14:18 – 15:41शुभ
रोग15:41 – 17:04टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:04 – 18:41टालें
लाभ18:41 – 20:18शुभ
उद्वेग20:18 – 21:56टालें
शुभ21:56 – 23:33शुभ
अमृत23:33 – 01:10शुभ
चर01:10 – 02:47सामान्य
रोग02:47 – 04:24टालें
काल04:24 – 06:02टालें

7 नवंबर 2017 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 21:51 तक
कृष्ण पंचमी 19:03, 8 नव॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 15:21, 8 नव॰ तक
योग
शिव 15:43 तक
सिद्ध 12:09, 8 नव॰ तक
करण
बव 11:23 तक
बालव 21:51 तक
कौलव 08:24, 8 नव॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 06:40 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:01
सूर्यास्त
17:04
चंद्रोदय
20:13
चंद्रास्त
09:02
दिनमान
11h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2074
शक संवत
1939, हेमलंब संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:17 – 05:09
अभिजीत मुहूर्त
11:10 – 11:55

अशुभ समय

राहुकाल
14:18 – 15:41
यमगंड
08:47 – 10:10
गुलिक काल
11:32 – 12:55

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:0106:56दिन
सूर्य06:5607:51दिन
शुक्र07:5108:47दिन
बुध08:4709:42दिन
चंद्र09:4210:37दिन
शनि10:3711:32दिन
गुरु11:3212:28दिन
मंगल12:2813:23दिन
सूर्य13:2314:18दिन
शुक्र14:1815:14दिन
बुध15:1416:09दिन
चंद्र16:0917:04दिन
शनि17:0418:09रात
गुरु18:0919:14रात
मंगल19:1420:18रात
सूर्य20:1821:23रात
शुक्र21:2322:28रात
बुध22:2823:33रात
चंद्र23:3300:38रात
शनि00:3801:42रात
गुरु01:4202:47रात
मंगल02:4703:52रात
सूर्य03:5204:57रात
शुक्र04:5706:02रात

अयनांश 24.1064° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।