22 नवंबर 2018 को पटना का चौघड़िया

गुरुवार, 22 नवंबर 2018, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 22 नवंबर 2018 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (12:53 तक), नक्षत्र भरणी (17:50 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:11 पर और सूर्यास्त 16:59 पर है। राहुकाल 12:56 से 14:17 तक है।

दिन और रात
दिन 06:11 – 16:59
रात 06:12 तक
तिथि
चतुर्दशी, 12:53 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
भरणी, 17:50 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 नवंबर 2018 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:11 – 07:32शुभ
रोग07:32 – 08:53टालें
उद्वेग08:53 – 10:14टालें
चर10:14 – 11:35सामान्य
लाभ11:35 – 12:56शुभ
अमृत12:56 – 14:17शुभ
काल14:17 – 15:38टालें
शुभ15:38 – 16:59शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत16:59 – 18:38शुभ
चर18:38 – 20:17सामान्य
रोग20:17 – 21:56टालें
काल21:56 – 23:35टालें
लाभ23:35 – 01:14शुभ
उद्वेग01:14 – 02:54टालें
शुभ02:54 – 04:33शुभ
अमृत04:33 – 06:12शुभ

22 नवंबर 2018 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 12:53 तक
पूर्णिमा 11:09, 23 नव॰ तक
नक्षत्र
भरणी 17:50 तक
कृत्तिका 16:40, 23 नव॰ तक
योग
वरीयान 13:29 तक
परिघअशुभ 10:52, 23 नव॰ तक
करण
वणिज 12:53 तक
विष्टि (भद्रा) 00:05, 23 नव॰ तक
बव 11:09, 23 नव॰ तक
चंद्र राशि
मेष 23:35 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:11
सूर्यास्त
16:59
चंद्रोदय
16:34
चंद्रास्त
04:56
दिनमान
10h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2075
शक संवत
1940, विलंब संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:26 – 05:18
अभिजीत मुहूर्त
11:13 – 11:56

अशुभ समय

राहुकाल
12:56 – 14:17
यमगंड
06:11 – 07:32
गुलिक काल
08:53 – 10:14

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:1107:05दिन
मंगल07:0507:59दिन
सूर्य07:5908:53दिन
शुक्र08:5309:47दिन
बुध09:4710:41दिन
चंद्र10:4111:35दिन
शनि11:3512:29दिन
गुरु12:2913:23दिन
मंगल13:2314:17दिन
सूर्य14:1715:11दिन
शुक्र15:1116:05दिन
बुध16:0516:59दिन
चंद्र16:5918:05रात
शनि18:0519:11रात
गुरु19:1120:17रात
मंगल20:1721:23रात
सूर्य21:2322:29रात
शुक्र22:2923:35रात
बुध23:3500:41रात
चंद्र00:4101:47रात
शनि01:4702:54रात
गुरु02:5404:00रात
मंगल04:0005:06रात
सूर्य05:0606:12रात

अयनांश 24.1209° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।