18 अप्रैल 2025 को पटना का चौघड़िया

शुक्रवार, 18 अप्रैल 2025, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 18 अप्रैल 2025 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (17:07 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (08:21 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 05:24 पर और सूर्यास्त 18:13 पर है। राहुकाल 10:12 से 11:48 तक है।

दिन और रात
दिन 05:24 – 18:13
रात 05:23 तक
तिथि
पंचमी, 17:07 तक
षष्ठी
नक्षत्र
मूल
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:24 – 07:00सामान्य
लाभ07:00 – 08:36शुभ
अमृत08:36 – 10:12शुभ
काल10:12 – 11:48टालें
शुभ11:48 – 13:25शुभ
रोग13:25 – 15:01टालें
उद्वेग15:01 – 16:37टालें
चर16:37 – 18:13सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:13 – 19:37टालें
काल19:37 – 21:01टालें
लाभ21:01 – 22:24शुभ
उद्वेग22:24 – 23:48टालें
शुभ23:48 – 01:12शुभ
अमृत01:12 – 02:35शुभ
चर02:35 – 03:59सामान्य
रोग03:59 – 05:23टालें

18 अप्रैल 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 17:07 तक
कृष्ण षष्ठी 18:22, 19 अप्रैल तक
नक्षत्र
मूल 10:21, 19 अप्रैल तक
योग
परिघअशुभ 01:03, 19 अप्रैल तक
शिव 00:52, 20 अप्रैल तक
करण
तैतिल 17:07 तक
गर 05:49, 19 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:24
सूर्यास्त
18:13
चंद्रोदय
23:10
चंद्रास्त
08:36
दिनमान
12h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:54 – 04:39
अभिजीत मुहूर्त
11:23 – 12:14

अशुभ समय

राहुकाल
10:12 – 11:48
यमगंड
15:01 – 16:37
गुलिक काल
07:00 – 08:36

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:2406:28दिन
बुध06:2807:32दिन
चंद्र07:3208:36दिन
शनि08:3609:40दिन
गुरु09:4010:44दिन
मंगल10:4411:48दिन
सूर्य11:4812:53दिन
शुक्र12:5313:57दिन
बुध13:5715:01दिन
चंद्र15:0116:05दिन
शनि16:0517:09दिन
गुरु17:0918:13दिन
मंगल18:1319:09रात
सूर्य19:0920:05रात
शुक्र20:0521:01रात
बुध21:0121:56रात
चंद्र21:5622:52रात
शनि22:5223:48रात
गुरु23:4800:44रात
मंगल00:4401:40रात
सूर्य01:4002:35रात
शुक्र02:3503:31रात
बुध03:3104:27रात
चंद्र04:2705:23रात

अयनांश 24.2104° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।