13 अगस्त 2025 को पटना का चौघड़िया

बुधवार, 13 अगस्त 2025, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 13 अगस्त 2025 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (06:36 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (10:32 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 05:21 पर और सूर्यास्त 18:26 पर है। राहुकाल 11:54 से 13:32 तक है।

दिन और रात
दिन 05:21 – 18:26
रात 05:22 तक
तिथि
पंचमी, 04:24 तक
षष्ठी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 10:32 तक
रेवती
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 अगस्त 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:21 – 06:59शुभ
अमृत06:59 – 08:37शुभ
काल08:37 – 10:16टालें
शुभ10:16 – 11:54शुभ
रोग11:54 – 13:32टालें
उद्वेग13:32 – 15:10टालें
चर15:10 – 16:48सामान्य
लाभ16:48 – 18:26शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:26 – 19:48टालें
शुभ19:48 – 21:10शुभ
अमृत21:10 – 22:32शुभ
चर22:32 – 23:54सामान्य
रोग23:54 – 01:16टालें
काल01:16 – 02:38टालें
लाभ02:38 – 04:00शुभ
उद्वेग04:00 – 05:22टालें

13 अगस्त 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 06:36 तक
कृष्ण पंचमी 04:24, 14 अग॰ तक
कृष्ण षष्ठी 02:07, 15 अग॰ तक
नक्षत्र
रेवती 09:06, 14 अग॰ तक
योग
धृति 16:05 तक
शूलअशुभ 13:12, 14 अग॰ तक
करण
बालव 06:36 तक
कौलव 17:31 तक
तैतिल 04:24, 14 अग॰ तक
गर 15:16, 14 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:21
सूर्यास्त
18:26
चंद्रोदय
21:02
चंद्रास्त
09:06
दिनमान
13h 5m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:54 – 04:38
अभिजीत मुहूर्त
11:27 – 12:20 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:54 – 13:32
यमगंड
06:59 – 08:37
गुलिक काल
10:16 – 11:54

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:2106:27दिन
चंद्र06:2707:32दिन
शनि07:3208:37दिन
गुरु08:3709:43दिन
मंगल09:4310:48दिन
सूर्य10:4811:54दिन
शुक्र11:5412:59दिन
बुध12:5914:04दिन
चंद्र14:0415:10दिन
शनि15:1016:15दिन
गुरु16:1517:21दिन
मंगल17:2118:26दिन
सूर्य18:2619:21रात
शुक्र19:2120:15रात
बुध20:1521:10रात
चंद्र21:1022:05रात
शनि22:0522:59रात
गुरु22:5923:54रात
मंगल23:5400:49रात
सूर्य00:4901:43रात
शुक्र01:4302:38रात
बुध02:3803:32रात
चंद्र03:3204:27रात
शनि04:2705:22रात

अयनांश 24.2149° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।