2 जुलाई 2026 को पटना का चौघड़िया

गुरुवार, 2 जुलाई 2026, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 2 जुलाई 2026 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (09:38 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (09:27 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 05:02 पर और सूर्यास्त 18:44 पर है। राहुकाल 13:36 से 15:18 तक है।

दिन और रात
दिन 05:02 – 18:44
रात 05:02 तक
तिथि
द्वितीया, 09:38 तक
तृतीया
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 09:27 तक
श्रवण
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 जुलाई 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:02 – 06:45शुभ
रोग06:45 – 08:27टालें
उद्वेग08:27 – 10:10टालें
चर10:10 – 11:53सामान्य
लाभ11:53 – 13:36शुभ
अमृत13:36 – 15:18शुभ
काल15:18 – 17:01टालें
शुभ17:01 – 18:44शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:44 – 20:01शुभ
चर20:01 – 21:19सामान्य
रोग21:19 – 22:36टालें
काल22:36 – 23:53टालें
लाभ23:53 – 01:10शुभ
उद्वेग01:10 – 02:28टालें
शुभ02:28 – 03:45शुभ
अमृत03:45 – 05:02शुभ

2 जुलाई 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 09:38 तक
कृष्ण तृतीया 11:20, 3 जुल॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 11:46, 3 जुल॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 16:39 तक
विष्कंभअशुभ 17:00, 3 जुल॰ तक
करण
गर 09:38 तक
वणिज 22:32 तक
विष्टि (भद्रा) 11:20, 3 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:02
सूर्यास्त
18:44
चंद्रोदय
20:37
चंद्रास्त
06:47
दिनमान
13h 42m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:39 – 04:21
अभिजीत मुहूर्त
11:26 – 12:20

अशुभ समय

राहुकाल
13:36 – 15:18
यमगंड
05:02 – 06:45
गुलिक काल
08:27 – 10:10

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:0206:10दिन
मंगल06:1007:19दिन
सूर्य07:1908:27दिन
शुक्र08:2709:36दिन
बुध09:3610:44दिन
चंद्र10:4411:53दिन
शनि11:5313:01दिन
गुरु13:0114:10दिन
मंगल14:1015:18दिन
सूर्य15:1816:27दिन
शुक्र16:2717:36दिन
बुध17:3618:44दिन
चंद्र18:4419:36रात
शनि19:3620:27रात
गुरु20:2721:19रात
मंगल21:1922:10रात
सूर्य22:1023:02रात
शुक्र23:0223:53रात
बुध23:5300:45रात
चंद्र00:4501:36रात
शनि01:3602:28रात
गुरु02:2803:19रात
मंगल03:1904:11रात
सूर्य04:1105:02रात

अयनांश 24.2272° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।