25 मई 2027 को पटना का चौघड़िया

मंगलवार, 25 मई 2027, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 25 मई 2027 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (01:31, 26 मई तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (01:12, 26 मई तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 05:00 पर और सूर्यास्त 18:32 पर है। राहुकाल 15:09 से 16:51 तक है।

दिन और रात
दिन 05:00 – 18:32
रात 04:59 तक
तिथि
पंचमी, 01:31 तक
षष्ठी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 01:12 तक
श्रवण
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 मई 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:00 – 06:41टालें
उद्वेग06:41 – 08:23टालें
चर08:23 – 10:04सामान्य
लाभ10:04 – 11:46शुभ
अमृत11:46 – 13:28शुभ
काल13:28 – 15:09टालें
शुभ15:09 – 16:51शुभ
रोग16:51 – 18:32टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:32 – 19:51टालें
लाभ19:51 – 21:09शुभ
उद्वेग21:09 – 22:27टालें
शुभ22:27 – 23:46शुभ
अमृत23:46 – 01:04शुभ
चर01:04 – 02:23सामान्य
रोग02:23 – 03:41टालें
काल03:41 – 04:59टालें

25 मई 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 01:31, 26 मई तक
कृष्ण षष्ठी 04:05, 27 मई तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 01:12, 26 मई तक
श्रवण 04:19, 27 मई तक
योग
शुक्ल 00:57, 26 मई तक
ब्रह्म 02:01, 27 मई तक
करण
कौलव 12:14 तक
तैतिल 01:31, 26 मई तक
गर 14:48, 26 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:00
सूर्यास्त
18:32
चंद्रोदय
22:40
चंद्रास्त
08:47
दिनमान
13h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:36 – 04:18
अभिजीत मुहूर्त
11:19 – 12:13

अशुभ समय

राहुकाल
15:09 – 16:51
यमगंड
08:23 – 10:04
गुलिक काल
11:46 – 13:28

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:0006:07दिन
सूर्य06:0707:15दिन
शुक्र07:1508:23दिन
बुध08:2309:31दिन
चंद्र09:3110:38दिन
शनि10:3811:46दिन
गुरु11:4612:54दिन
मंगल12:5414:01दिन
सूर्य14:0115:09दिन
शुक्र15:0916:17दिन
बुध16:1717:24दिन
चंद्र17:2418:32दिन
शनि18:3219:24रात
गुरु19:2420:17रात
मंगल20:1721:09रात
सूर्य21:0922:01रात
शुक्र22:0122:54रात
बुध22:5423:46रात
चंद्र23:4600:38रात
शनि00:3801:30रात
गुरु01:3002:23रात
मंगल02:2303:15रात
सूर्य03:1504:07रात
शुक्र04:0704:59रात

अयनांश 24.2397° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।