1 जून 2027 को पटना का चौघड़िया

मंगलवार, 1 जून 2027, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 1 जून 2027 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (09:40 तक), नक्षत्र रेवती (12:50 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 04:58 पर और सूर्यास्त 18:36 पर है। राहुकाल 15:11 से 16:53 तक है।

दिन और रात
दिन 04:58 – 18:36
रात 04:58 तक
तिथि
एकादशी, 09:40 तक
द्वादशी
नक्षत्र
रेवती, 12:50 तक
अश्विनी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 जून 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग04:58 – 06:40टालें
उद्वेग06:40 – 08:22टालें
चर08:22 – 10:05सामान्य
लाभ10:05 – 11:47शुभ
अमृत11:47 – 13:29शुभ
काल13:29 – 15:11टालें
शुभ15:11 – 16:53शुभ
रोग16:53 – 18:36टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:36 – 19:53टालें
लाभ19:53 – 21:11शुभ
उद्वेग21:11 – 22:29टालें
शुभ22:29 – 23:47शुभ
अमृत23:47 – 01:05शुभ
चर01:05 – 02:22सामान्य
रोग02:22 – 03:40टालें
काल03:40 – 04:58टालें

1 जून 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 09:40 तक
कृष्ण द्वादशी 08:29, 2 जून तक
नक्षत्र
रेवती 12:50 तक
अश्विनी 12:16, 2 जून तक
योग
सौभाग्य 00:22, 2 जून तक
शोभन 21:59, 2 जून तक
करण
बालव 09:40 तक
कौलव 21:10 तक
तैतिल 08:29, 2 जून तक
चंद्र राशि
मीन 12:50 तक
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:58
सूर्यास्त
18:36
चंद्रोदय
01:51
चंद्रास्त
15:05
दिनमान
13h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:35 – 04:17
अभिजीत मुहूर्त
11:20 – 12:14

अशुभ समय

राहुकाल
15:11 – 16:53
यमगंड
08:22 – 10:05
गुलिक काल
11:47 – 13:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल04:5806:06दिन
सूर्य06:0607:14दिन
शुक्र07:1408:22दिन
बुध08:2209:31दिन
चंद्र09:3110:39दिन
शनि10:3911:47दिन
गुरु11:4712:55दिन
मंगल12:5514:03दिन
सूर्य14:0315:11दिन
शुक्र15:1116:19दिन
बुध16:1917:27दिन
चंद्र17:2718:36दिन
शनि18:3619:27रात
गुरु19:2720:19रात
मंगल20:1921:11रात
सूर्य21:1122:03रात
शुक्र22:0322:55रात
बुध22:5523:47रात
चंद्र23:4700:39रात
शनि00:3901:30रात
गुरु01:3002:22रात
मंगल02:2203:14रात
सूर्य03:1404:06रात
शुक्र04:0604:58रात

अयनांश 24.2400° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।