4 जून 2027 को पटना का चौघड़िया

शुक्रवार, 4 जून 2027, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 4 जून 2027 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (01:10, 5 जून तक), नक्षत्र कृत्तिका (09:14 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 04:58 पर और सूर्यास्त 18:37 पर है। राहुकाल 10:05 से 11:47 तक है।

दिन और रात
दिन 04:58 – 18:37
रात 04:58 तक
तिथि
अमावस्या, 01:10 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
कृत्तिका, 09:14 तक
रोहिणी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 जून 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर04:58 – 06:40सामान्य
लाभ06:40 – 08:22शुभ
अमृत08:22 – 10:05शुभ
काल10:05 – 11:47टालें
शुभ11:47 – 13:30शुभ
रोग13:30 – 15:12टालें
उद्वेग15:12 – 16:55टालें
चर16:55 – 18:37सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:37 – 19:55टालें
काल19:55 – 21:12टालें
लाभ21:12 – 22:30शुभ
उद्वेग22:30 – 23:47टालें
शुभ23:47 – 01:05शुभ
अमृत01:05 – 02:22शुभ
चर02:22 – 03:40सामान्य
रोग03:40 – 04:58टालें

4 जून 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
अमावस्या 01:10, 5 जून तक
शुक्ल प्रतिपदा 21:59, 5 जून तक
नक्षत्र
रोहिणी 07:02, 5 जून तक
योग
सुकर्मा 15:46 तक
धृति 12:10, 5 जून तक
करण
चतुष्पद 14:40 तक
नाग 01:10, 5 जून तक
किंस्तुघ्न 11:36, 5 जून तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:58
सूर्यास्त
18:37
चंद्रोदय
04:01
चंद्रास्त
18:22
दिनमान
13h 39m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:35 – 04:16
अभिजीत मुहूर्त
11:20 – 12:15

अशुभ समय

राहुकाल
10:05 – 11:47
यमगंड
15:12 – 16:55
गुलिक काल
06:40 – 08:22

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र04:5806:06दिन
बुध06:0607:14दिन
चंद्र07:1408:22दिन
शनि08:2209:31दिन
गुरु09:3110:39दिन
मंगल10:3911:47दिन
सूर्य11:4712:56दिन
शुक्र12:5614:04दिन
बुध14:0415:12दिन
चंद्र15:1216:20दिन
शनि16:2017:29दिन
गुरु17:2918:37दिन
मंगल18:3719:29रात
सूर्य19:2920:20रात
शुक्र20:2021:12रात
बुध21:1222:04रात
चंद्र22:0422:56रात
शनि22:5623:47रात
गुरु23:4700:39रात
मंगल00:3901:31रात
सूर्य01:3102:22रात
शुक्र02:2203:14रात
बुध03:1404:06रात
चंद्र04:0604:58रात

अयनांश 24.2401° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।