25 जून 2027 को पटना का चौघड़िया

शुक्रवार, 25 जून 2027, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 25 जून 2027 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (20:17 तक), नक्षत्र शतभिषा (17:07 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 05:00 पर और सूर्यास्त 18:43 पर है। राहुकाल 10:09 से 11:52 तक है।

दिन और रात
दिन 05:00 – 18:43
रात 05:00 तक
तिथि
षष्ठी, 20:17 तक
सप्तमी
नक्षत्र
शतभिषा, 17:07 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 जून 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:00 – 06:43सामान्य
लाभ06:43 – 08:26शुभ
अमृत08:26 – 10:09शुभ
काल10:09 – 11:52टालें
शुभ11:52 – 13:35शुभ
रोग13:35 – 15:17टालें
उद्वेग15:17 – 17:00टालें
चर17:00 – 18:43सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:43 – 20:01टालें
काल20:01 – 21:18टालें
लाभ21:18 – 22:35शुभ
उद्वेग22:35 – 23:52टालें
शुभ23:52 – 01:09शुभ
अमृत01:09 – 02:26शुभ
चर02:26 – 03:43सामान्य
रोग03:43 – 05:00टालें

25 जून 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 20:17 तक
कृष्ण सप्तमी 21:52, 26 जून तक
नक्षत्र
शतभिषा 17:07 तक
पूर्वा भाद्रपद 19:23, 26 जून तक
योग
प्रीति 11:56 तक
आयुष्मान 12:24, 26 जून तक
करण
गर 07:17 तक
वणिज 20:17 तक
विष्टि (भद्रा) 09:09, 26 जून तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:00
सूर्यास्त
18:43
चंद्रोदय
22:47
चंद्रास्त
10:11
दिनमान
13h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:37 – 04:18
अभिजीत मुहूर्त
11:24 – 12:19

अशुभ समय

राहुकाल
10:09 – 11:52
यमगंड
15:17 – 17:00
गुलिक काल
06:43 – 08:26

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:0006:08दिन
बुध06:0807:17दिन
चंद्र07:1708:26दिन
शनि08:2609:34दिन
गुरु09:3410:43दिन
मंगल10:4311:52दिन
सूर्य11:5213:00दिन
शुक्र13:0014:09दिन
बुध14:0915:17दिन
चंद्र15:1716:26दिन
शनि16:2617:35दिन
गुरु17:3518:43दिन
मंगल18:4319:35रात
सूर्य19:3520:26रात
शुक्र20:2621:18रात
बुध21:1822:09रात
चंद्र22:0923:00रात
शनि23:0023:52रात
गुरु23:5200:43रात
मंगल00:4301:34रात
सूर्य01:3402:26रात
शुक्र02:2603:17रात
बुध03:1704:08रात
चंद्र04:0805:00रात

अयनांश 24.2409° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।