24 जुलाई 2027 को पटना का चौघड़िया

शनिवार, 24 जुलाई 2027, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 24 जुलाई 2027 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (08:41 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (03:52, 25 जुल॰ तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:11 पर और सूर्यास्त 18:39 पर है। राहुकाल 08:33 से 10:14 तक है।

दिन और रात
दिन 05:11 – 18:39
रात 05:12 तक
तिथि
पंचमी, 08:41 तक
षष्ठी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 03:52 तक
रेवती
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 जुलाई 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:11 – 06:52टालें
शुभ06:52 – 08:33शुभ
रोग08:33 – 10:14टालें
उद्वेग10:14 – 11:55टालें
चर11:55 – 13:36सामान्य
लाभ13:36 – 15:17शुभ
अमृत15:17 – 16:58शुभ
काल16:58 – 18:39टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:39 – 19:58शुभ
उद्वेग19:58 – 21:17टालें
शुभ21:17 – 22:37शुभ
अमृत22:37 – 23:56शुभ
चर23:56 – 01:15सामान्य
रोग01:15 – 02:34टालें
काल02:34 – 03:53टालें
लाभ03:53 – 05:12शुभ

24 जुलाई 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 08:41 तक
कृष्ण षष्ठी 09:53, 25 जुल॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 03:52, 25 जुल॰ तक
रेवती 05:14, 26 जुल॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 20:17 तक
सुकर्मा 20:03, 25 जुल॰ तक
करण
तैतिल 08:41 तक
गर 21:22 तक
वणिज 09:53, 25 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:11
सूर्यास्त
18:39
चंद्रोदय
21:49
चंद्रास्त
09:50
दिनमान
13h 28m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:47 – 04:29
अभिजीत मुहूर्त
11:28 – 12:22

अशुभ समय

राहुकाल
08:33 – 10:14
यमगंड
13:36 – 15:17
गुलिक काल
05:11 – 06:52

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:1106:19दिन
गुरु06:1907:26दिन
मंगल07:2608:33दिन
सूर्य08:3309:41दिन
शुक्र09:4110:48दिन
बुध10:4811:55दिन
चंद्र11:5513:03दिन
शनि13:0314:10दिन
गुरु14:1015:17दिन
मंगल15:1716:25दिन
सूर्य16:2517:32दिन
शुक्र17:3218:39दिन
बुध18:3919:32रात
चंद्र19:3220:25रात
शनि20:2521:17रात
गुरु21:1722:10रात
मंगल22:1023:03रात
सूर्य23:0323:56रात
शुक्र23:5600:48रात
बुध00:4801:41रात
चंद्र01:4102:34रात
शनि02:3403:26रात
गुरु03:2604:19रात
मंगल04:1905:12रात

अयनांश 24.2420° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।