25 अप्रैल 2028 को पटना का चौघड़िया

मंगलवार, 25 अप्रैल 2028, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 25 अप्रैल 2028 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (01:44, 26 अप्रैल तक), नक्षत्र अश्विनी (05:54 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 05:17 पर और सूर्यास्त 18:17 पर है। राहुकाल 15:02 से 16:39 तक है।

दिन और रात
दिन 05:17 – 18:17
रात 05:16 तक
तिथि
प्रतिपदा, 01:44 तक
द्वितीया
नक्षत्र
भरणी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 अप्रैल 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:17 – 06:55टालें
उद्वेग06:55 – 08:32टालें
चर08:32 – 10:10सामान्य
लाभ10:10 – 11:47शुभ
अमृत11:47 – 13:25शुभ
काल13:25 – 15:02टालें
शुभ15:02 – 16:39शुभ
रोग16:39 – 18:17टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:17 – 19:39टालें
लाभ19:39 – 21:02शुभ
उद्वेग21:02 – 22:24टालें
शुभ22:24 – 23:47शुभ
अमृत23:47 – 01:09शुभ
चर01:09 – 02:31सामान्य
रोग02:31 – 03:54टालें
काल03:54 – 05:16टालें

25 अप्रैल 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 01:44, 26 अप्रैल तक
शुक्ल द्वितीया 01:47, 27 अप्रैल तक
नक्षत्र
भरणी 06:56, 26 अप्रैल तक
योग
प्रीति 09:52 तक
आयुष्मान 09:04, 26 अप्रैल तक
करण
किंस्तुघ्न 13:34 तक
बव 01:44, 26 अप्रैल तक
बालव 13:49, 26 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:17
सूर्यास्त
18:17
चंद्रोदय
05:11
चंद्रास्त
18:56
दिनमान
13h 0m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:49 – 04:33
अभिजीत मुहूर्त
11:21 – 12:13

अशुभ समय

राहुकाल
15:02 – 16:39
यमगंड
08:32 – 10:10
गुलिक काल
11:47 – 13:25

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:1706:22दिन
सूर्य06:2207:27दिन
शुक्र07:2708:32दिन
बुध08:3209:37दिन
चंद्र09:3710:42दिन
शनि10:4211:47दिन
गुरु11:4712:52दिन
मंगल12:5213:57दिन
सूर्य13:5715:02दिन
शुक्र15:0216:07दिन
बुध16:0717:12दिन
चंद्र17:1218:17दिन
शनि18:1719:12रात
गुरु19:1220:07रात
मंगल20:0721:02रात
सूर्य21:0221:57रात
शुक्र21:5722:52रात
बुध22:5223:47रात
चंद्र23:4700:42रात
शनि00:4201:37रात
गुरु01:3702:31रात
मंगल02:3103:26रात
सूर्य03:2604:21रात
शुक्र04:2105:16रात

अयनांश 24.2526° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।