12 मई 2028 को पटना का चौघड़िया

शुक्रवार, 12 मई 2028, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 12 मई 2028 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (22:08 तक), नक्षत्र मूल (16:41 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:05 पर और सूर्यास्त 18:26 पर है। राहुकाल 10:05 से 11:45 तक है।

दिन और रात
दिन 05:05 – 18:26
रात 05:05 तक
तिथि
चतुर्थी, 22:08 तक
पंचमी
नक्षत्र
मूल, 16:41 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 मई 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:05 – 06:45सामान्य
लाभ06:45 – 08:25शुभ
अमृत08:25 – 10:05शुभ
काल10:05 – 11:45टालें
शुभ11:45 – 13:26शुभ
रोग13:26 – 15:06टालें
उद्वेग15:06 – 16:46टालें
चर16:46 – 18:26सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:26 – 19:46टालें
काल19:46 – 21:05टालें
लाभ21:05 – 22:25शुभ
उद्वेग22:25 – 23:45टालें
शुभ23:45 – 01:05शुभ
अमृत01:05 – 02:25शुभ
चर02:25 – 03:45सामान्य
रोग03:45 – 05:05टालें

12 मई 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 22:08 तक
कृष्ण पंचमी 23:09, 13 मई तक
नक्षत्र
मूल 16:41 तक
पूर्वाषाढ़ा 18:11, 13 मई तक
योग
सिद्ध 14:22 तक
साध्य 13:58, 13 मई तक
करण
बव 09:54 तक
बालव 22:08 तक
कौलव 10:33, 13 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:05
सूर्यास्त
18:26
चंद्रोदय
22:01
चंद्रास्त
07:47
दिनमान
13h 21m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:40 – 04:22
अभिजीत मुहूर्त
11:19 – 12:12

अशुभ समय

राहुकाल
10:05 – 11:45
यमगंड
15:06 – 16:46
गुलिक काल
06:45 – 08:25

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:0506:12दिन
बुध06:1207:19दिन
चंद्र07:1908:25दिन
शनि08:2509:32दिन
गुरु09:3210:39दिन
मंगल10:3911:45दिन
सूर्य11:4512:52दिन
शुक्र12:5213:59दिन
बुध13:5915:06दिन
चंद्र15:0616:12दिन
शनि16:1217:19दिन
गुरु17:1918:26दिन
मंगल18:2619:19रात
सूर्य19:1920:12रात
शुक्र20:1221:05रात
बुध21:0521:59रात
चंद्र21:5922:52रात
शनि22:5223:45रात
गुरु23:4500:38रात
मंगल00:3801:32रात
सूर्य01:3202:25रात
शुक्र02:2503:18रात
बुध03:1804:11रात
चंद्र04:1105:05रात

अयनांश 24.2532° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।