13 मई 2028 को पटना का चौघड़िया

शनिवार, 13 मई 2028, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 13 मई 2028 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (23:09 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (18:11 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 05:05 पर और सूर्यास्त 18:26 पर है। राहुकाल 08:25 से 10:05 तक है।

दिन और रात
दिन 05:05 – 18:26
रात 05:04 तक
तिथि
पंचमी, 23:09 तक
षष्ठी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 18:11 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 मई 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:05 – 06:45टालें
शुभ06:45 – 08:25शुभ
रोग08:25 – 10:05टालें
उद्वेग10:05 – 11:45टालें
चर11:45 – 13:26सामान्य
लाभ13:26 – 15:06शुभ
अमृत15:06 – 16:46शुभ
काल16:46 – 18:26टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:26 – 19:46शुभ
उद्वेग19:46 – 21:06टालें
शुभ21:06 – 22:25शुभ
अमृत22:25 – 23:45शुभ
चर23:45 – 01:05सामान्य
रोग01:05 – 02:25टालें
काल02:25 – 03:44टालें
लाभ03:44 – 05:04शुभ

13 मई 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 23:09 तक
कृष्ण षष्ठी 00:49, 15 मई तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 20:21, 14 मई तक
योग
साध्य 13:58 तक
शुभ 14:07, 14 मई तक
करण
कौलव 10:33 तक
तैतिल 23:09 तक
गर 11:55, 14 मई तक
चंद्र राशि
धनु 00:40, 14 मई तक
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:05
सूर्यास्त
18:26
चंद्रोदय
22:46
चंद्रास्त
08:45
दिनमान
13h 22m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:39 – 04:22
अभिजीत मुहूर्त
11:19 – 12:12

अशुभ समय

राहुकाल
08:25 – 10:05
यमगंड
13:26 – 15:06
गुलिक काल
05:05 – 06:45

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:0506:11दिन
गुरु06:1107:18दिन
मंगल07:1808:25दिन
सूर्य08:2509:32दिन
शुक्र09:3210:39दिन
बुध10:3911:45दिन
चंद्र11:4512:52दिन
शनि12:5213:59दिन
गुरु13:5915:06दिन
मंगल15:0616:13दिन
सूर्य16:1317:19दिन
शुक्र17:1918:26दिन
बुध18:2619:19रात
चंद्र19:1920:13रात
शनि20:1321:06रात
गुरु21:0621:59रात
मंगल21:5922:52रात
सूर्य22:5223:45रात
शुक्र23:4500:38रात
बुध00:3801:31रात
चंद्र01:3102:25रात
शनि02:2503:18रात
गुरु03:1804:11रात
मंगल04:1105:04रात

अयनांश 24.2533° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।