14 मई 2028 को पटना का चौघड़िया

रविवार, 14 मई 2028, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 14 मई 2028 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (00:49, 15 मई तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (20:21 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 05:04 पर और सूर्यास्त 18:27 पर है। राहुकाल 16:46 से 18:27 तक है।

दिन और रात
दिन 05:04 – 18:27
रात 05:04 तक
तिथि
षष्ठी, 00:49 तक
सप्तमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 20:21 तक
श्रवण
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 मई 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:04 – 06:44टालें
चर06:44 – 08:25सामान्य
लाभ08:25 – 10:05शुभ
अमृत10:05 – 11:45शुभ
काल11:45 – 13:26टालें
शुभ13:26 – 15:06शुभ
रोग15:06 – 16:46टालें
उद्वेग16:46 – 18:27टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:27 – 19:46शुभ
अमृत19:46 – 21:06शुभ
चर21:06 – 22:26सामान्य
रोग22:26 – 23:45टालें
काल23:45 – 01:05टालें
लाभ01:05 – 02:24शुभ
उद्वेग02:24 – 03:44टालें
शुभ03:44 – 05:04शुभ

14 मई 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 00:49, 15 मई तक
कृष्ण सप्तमी 03:00, 16 मई तक
नक्षत्र
श्रवण 23:02, 15 मई तक
योग
शुभ 14:07 तक
शुक्ल 14:42, 15 मई तक
करण
गर 11:55 तक
वणिज 00:49, 15 मई तक
विष्टि (भद्रा) 13:52, 15 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:04
सूर्यास्त
18:27
चंद्रोदय
23:25
चंद्रास्त
09:42
दिनमान
13h 23m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:39 – 04:22
अभिजीत मुहूर्त
11:19 – 12:12

अशुभ समय

राहुकाल
16:46 – 18:27
यमगंड
11:45 – 13:26
गुलिक काल
15:06 – 16:46

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:0406:11दिन
शुक्र06:1107:18दिन
बुध07:1808:25दिन
चंद्र08:2509:32दिन
शनि09:3210:39दिन
गुरु10:3911:45दिन
मंगल11:4512:52दिन
सूर्य12:5213:59दिन
शुक्र13:5915:06दिन
बुध15:0616:13दिन
चंद्र16:1317:20दिन
शनि17:2018:27दिन
गुरु18:2719:20रात
मंगल19:2020:13रात
सूर्य20:1321:06रात
शुक्र21:0621:59रात
बुध21:5922:52रात
चंद्र22:5223:45रात
शनि23:4500:38रात
गुरु00:3801:31रात
मंगल01:3102:24रात
सूर्य02:2403:17रात
शुक्र03:1704:10रात
बुध04:1005:04रात

अयनांश 24.2533° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।