18 जून 2028 को पटना का चौघड़िया

रविवार, 18 जून 2028, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 18 जून 2028 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (03:15, 19 जून तक), नक्षत्र अश्विनी (22:24 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 04:58 पर और सूर्यास्त 18:42 पर है। राहुकाल 16:59 से 18:42 तक है।

दिन और रात
दिन 04:58 – 18:42
रात 04:58 तक
तिथि
एकादशी, 03:15 तक
द्वादशी
नक्षत्र
अश्विनी, 22:24 तक
भरणी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 जून 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग04:58 – 06:41टालें
चर06:41 – 08:24सामान्य
लाभ08:24 – 10:07शुभ
अमृत10:07 – 11:50शुभ
काल11:50 – 13:33टालें
शुभ13:33 – 15:16शुभ
रोग15:16 – 16:59टालें
उद्वेग16:59 – 18:42टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:42 – 19:59शुभ
अमृत19:59 – 21:16शुभ
चर21:16 – 22:33सामान्य
रोग22:33 – 23:50टालें
काल23:50 – 01:07टालें
लाभ01:07 – 02:24शुभ
उद्वेग02:24 – 03:41टालें
शुभ03:41 – 04:58शुभ

18 जून 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 03:15, 19 जून तक
कृष्ण द्वादशी 03:22, 20 जून तक
नक्षत्र
भरणी 23:19, 19 जून तक
योग
अतिगंडअशुभ 03:36, 19 जून तक
सुकर्मा 02:42, 20 जून तक
करण
बव 14:56 तक
बालव 03:15, 19 जून तक
कौलव 15:23, 19 जून तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:58
सूर्यास्त
18:42
चंद्रोदय
01:04
चंद्रास्त
14:32
दिनमान
13h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:36 – 04:17
अभिजीत मुहूर्त
11:23 – 12:18

अशुभ समय

राहुकाल
16:59 – 18:42
यमगंड
11:50 – 13:33
गुलिक काल
15:16 – 16:59

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य04:5806:07दिन
शुक्र06:0707:15दिन
बुध07:1508:24दिन
चंद्र08:2409:33दिन
शनि09:3310:42दिन
गुरु10:4211:50दिन
मंगल11:5012:59दिन
सूर्य12:5914:08दिन
शुक्र14:0815:16दिन
बुध15:1616:25दिन
चंद्र16:2517:34दिन
शनि17:3418:42दिन
गुरु18:4219:34रात
मंगल19:3420:25रात
सूर्य20:2521:16रात
शुक्र21:1622:08रात
बुध22:0822:59रात
चंद्र22:5923:50रात
शनि23:5000:42रात
गुरु00:4201:33रात
मंगल01:3302:24रात
सूर्य02:2403:16रात
शुक्र03:1604:07रात
बुध04:0704:58रात

अयनांश 24.2546° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।