20 जून 2028 को पटना का चौघड़िया

मंगलवार, 20 जून 2028, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 20 जून 2028 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (02:48, 21 जून तक), नक्षत्र कृत्तिका (23:35 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 04:59 पर और सूर्यास्त 18:43 पर है। राहुकाल 15:17 से 17:00 तक है।

दिन और रात
दिन 04:59 – 18:43
रात 04:59 तक
तिथि
त्रयोदशी, 02:48 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
कृत्तिका, 23:35 तक
रोहिणी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 जून 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग04:59 – 06:42टालें
उद्वेग06:42 – 08:25टालें
चर08:25 – 10:08सामान्य
लाभ10:08 – 11:51शुभ
अमृत11:51 – 13:34शुभ
काल13:34 – 15:17टालें
शुभ15:17 – 17:00शुभ
रोग17:00 – 18:43टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:43 – 20:00टालें
लाभ20:00 – 21:17शुभ
उद्वेग21:17 – 22:34टालें
शुभ22:34 – 23:51शुभ
अमृत23:51 – 01:08शुभ
चर01:08 – 02:25सामान्य
रोग02:25 – 03:42टालें
काल03:42 – 04:59टालें

20 जून 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 02:48, 21 जून तक
कृष्ण चतुर्दशी 01:38, 22 जून तक
नक्षत्र
रोहिणी 23:14, 21 जून तक
योग
धृति 01:16, 21 जून तक
शूलअशुभ 23:20, 21 जून तक
करण
गर 15:10 तक
वणिज 02:48, 21 जून तक
विष्टि (भद्रा) 14:17, 21 जून तक
चंद्र राशि
मेष 05:27 तक
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:59
सूर्यास्त
18:43
चंद्रोदय
02:24
चंद्रास्त
16:30
दिनमान
13h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:36 – 04:17
अभिजीत मुहूर्त
11:23 – 12:18

अशुभ समय

राहुकाल
15:17 – 17:00
यमगंड
08:25 – 10:08
गुलिक काल
11:51 – 13:34

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल04:5906:07दिन
सूर्य06:0707:16दिन
शुक्र07:1608:25दिन
बुध08:2509:33दिन
चंद्र09:3310:42दिन
शनि10:4211:51दिन
गुरु11:5112:59दिन
मंगल12:5914:08दिन
सूर्य14:0815:17दिन
शुक्र15:1716:25दिन
बुध16:2517:34दिन
चंद्र17:3418:43दिन
शनि18:4319:34रात
गुरु19:3420:25रात
मंगल20:2521:17रात
सूर्य21:1722:08रात
शुक्र22:0822:59रात
बुध22:5923:51रात
चंद्र23:5100:42रात
शनि00:4201:33रात
गुरु01:3302:25रात
मंगल02:2503:16रात
सूर्य03:1604:07रात
शुक्र04:0704:59रात

अयनांश 24.2547° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।