7 जुलाई 2028 को पटना का चौघड़िया

शुक्रवार, 7 जुलाई 2028, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 7 जुलाई 2028 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (00:46, 8 जुल॰ तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (10:42 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 05:04 पर और सूर्यास्त 18:44 पर है। राहुकाल 10:11 से 11:54 तक है।

दिन और रात
दिन 05:04 – 18:44
रात 05:04 तक
तिथि
प्रतिपदा, 00:46 तक
द्वितीया
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 10:42 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 जुलाई 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:04 – 06:46सामान्य
लाभ06:46 – 08:29शुभ
अमृत08:29 – 10:11शुभ
काल10:11 – 11:54टालें
शुभ11:54 – 13:36शुभ
रोग13:36 – 15:19टालें
उद्वेग15:19 – 17:01टालें
चर17:01 – 18:44सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:44 – 20:01टालें
काल20:01 – 21:19टालें
लाभ21:19 – 22:37शुभ
उद्वेग22:37 – 23:54टालें
शुभ23:54 – 01:12शुभ
अमृत01:12 – 02:29शुभ
चर02:29 – 03:47सामान्य
रोग03:47 – 05:04टालें

7 जुलाई 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 00:46, 8 जुल॰ तक
कृष्ण द्वितीया 02:20, 9 जुल॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 12:39, 8 जुल॰ तक
योग
इंद्र 08:16 तक
वैधृतिअशुभ 08:18, 8 जुल॰ तक
करण
बालव 12:10 तक
कौलव 00:46, 8 जुल॰ तक
तैतिल 13:30, 8 जुल॰ तक
चंद्र राशि
धनु 17:09 तक
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:04
सूर्यास्त
18:44
चंद्रोदय
19:16
चंद्रास्त
05:19
दिनमान
13h 40m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:41 – 04:23
अभिजीत मुहूर्त
11:27 – 12:21

अशुभ समय

राहुकाल
10:11 – 11:54
यमगंड
15:19 – 17:01
गुलिक काल
06:46 – 08:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:0406:12दिन
बुध06:1207:21दिन
चंद्र07:2108:29दिन
शनि08:2909:37दिन
गुरु09:3710:46दिन
मंगल10:4611:54दिन
सूर्य11:5413:02दिन
शुक्र13:0214:11दिन
बुध14:1115:19दिन
चंद्र15:1916:27दिन
शनि16:2717:35दिन
गुरु17:3518:44दिन
मंगल18:4419:36रात
सूर्य19:3620:27रात
शुक्र20:2721:19रात
बुध21:1922:11रात
चंद्र22:1123:02रात
शनि23:0223:54रात
गुरु23:5400:46रात
मंगल00:4601:38रात
सूर्य01:3802:29रात
शुक्र02:2903:21रात
बुध03:2104:13रात
चंद्र04:1305:04रात

अयनांश 24.2554° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।