14 जुलाई 2028 को पटना का चौघड़िया

शुक्रवार, 14 जुलाई 2028, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 14 जुलाई 2028 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (13:31 तक), नक्षत्र रेवती (05:04, 15 जुल॰ तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:07 पर और सूर्यास्त 18:43 पर है। राहुकाल 10:13 से 11:55 तक है।

दिन और रात
दिन 05:07 – 18:43
रात 05:07 तक
तिथि
सप्तमी, 13:31 तक
अष्टमी
नक्षत्र
रेवती, 05:04 तक
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 जुलाई 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:07 – 06:49सामान्य
लाभ06:49 – 08:31शुभ
अमृत08:31 – 10:13शुभ
काल10:13 – 11:55टालें
शुभ11:55 – 13:37शुभ
रोग13:37 – 15:19टालें
उद्वेग15:19 – 17:01टालें
चर17:01 – 18:43सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:43 – 20:01टालें
काल20:01 – 21:19टालें
लाभ21:19 – 22:37शुभ
उद्वेग22:37 – 23:55टालें
शुभ23:55 – 01:13शुभ
अमृत01:13 – 02:31शुभ
चर02:31 – 03:49सामान्य
रोग03:49 – 05:07टालें

14 जुलाई 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 13:31 तक
कृष्ण अष्टमी 15:14, 15 जुल॰ तक
नक्षत्र
रेवती 05:04, 15 जुल॰ तक
अश्विनी 07:05, 16 जुल॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 12:58 तक
सुकर्मा 13:24, 15 जुल॰ तक
करण
बव 13:31 तक
बालव 02:26, 15 जुल॰ तक
कौलव 15:14, 15 जुल॰ तक
चंद्र राशि
मीन 05:04, 15 जुल॰ तक
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:07
सूर्यास्त
18:43
चंद्रोदय
23:01
चंद्रास्त
11:28
दिनमान
13h 35m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:44 – 04:25
अभिजीत मुहूर्त
11:28 – 12:22

अशुभ समय

राहुकाल
10:13 – 11:55
यमगंड
15:19 – 17:01
गुलिक काल
06:49 – 08:31

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:0706:15दिन
बुध06:1507:23दिन
चंद्र07:2308:31दिन
शनि08:3109:39दिन
गुरु09:3910:47दिन
मंगल10:4711:55दिन
सूर्य11:5513:03दिन
शुक्र13:0314:11दिन
बुध14:1115:19दिन
चंद्र15:1916:27दिन
शनि16:2717:35दिन
गुरु17:3518:43दिन
मंगल18:4319:35रात
सूर्य19:3520:27रात
शुक्र20:2721:19रात
बुध21:1922:11रात
चंद्र22:1123:03रात
शनि23:0323:55रात
गुरु23:5500:47रात
मंगल00:4701:39रात
सूर्य01:3902:31रात
शुक्र02:3103:23रात
बुध03:2304:15रात
चंद्र04:1505:07रात

अयनांश 24.2556° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।