18 जुलाई 2028 को पटना का चौघड़िया

मंगलवार, 18 जुलाई 2028, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 18 जुलाई 2028 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (16:26 तक), नक्षत्र कृत्तिका (09:03 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 05:09 पर और सूर्यास्त 18:41 पर है। राहुकाल 15:18 से 17:00 तक है।

दिन और रात
दिन 05:09 – 18:41
रात 05:09 तक
तिथि
एकादशी, 16:26 तक
द्वादशी
नक्षत्र
कृत्तिका, 09:03 तक
रोहिणी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 जुलाई 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:09 – 06:50टालें
उद्वेग06:50 – 08:32टालें
चर08:32 – 10:14सामान्य
लाभ10:14 – 11:55शुभ
अमृत11:55 – 13:37शुभ
काल13:37 – 15:18टालें
शुभ15:18 – 17:00शुभ
रोग17:00 – 18:41टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:41 – 20:00टालें
लाभ20:00 – 21:18शुभ
उद्वेग21:18 – 22:37टालें
शुभ22:37 – 23:55शुभ
अमृत23:55 – 01:14शुभ
चर01:14 – 02:32सामान्य
रोग02:32 – 03:51टालें
काल03:51 – 05:09टालें

18 जुलाई 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 16:26 तक
कृष्ण द्वादशी 15:22, 19 जुल॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 08:56, 19 जुल॰ तक
योग
गंडअशुभ 11:40 तक
वृद्धि 09:55, 19 जुल॰ तक
करण
बालव 16:26 तक
कौलव 03:59, 19 जुल॰ तक
तैतिल 15:22, 19 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:09
सूर्यास्त
18:41
चंद्रोदय
01:02
चंद्रास्त
15:15
दिनमान
13h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:45 – 04:27
अभिजीत मुहूर्त
11:28 – 12:22

अशुभ समय

राहुकाल
15:18 – 17:00
यमगंड
08:32 – 10:14
गुलिक काल
11:55 – 13:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:0906:17दिन
सूर्य06:1707:24दिन
शुक्र07:2408:32दिन
बुध08:3209:40दिन
चंद्र09:4010:47दिन
शनि10:4711:55दिन
गुरु11:5513:03दिन
मंगल13:0314:11दिन
सूर्य14:1115:18दिन
शुक्र15:1816:26दिन
बुध16:2617:34दिन
चंद्र17:3418:41दिन
शनि18:4119:34रात
गुरु19:3420:26रात
मंगल20:2621:18रात
सूर्य21:1822:11रात
शुक्र22:1123:03रात
बुध23:0323:55रात
चंद्र23:5500:48रात
शनि00:4801:40रात
गुरु01:4002:32रात
मंगल02:3203:25रात
सूर्य03:2504:17रात
शुक्र04:1705:09रात

अयनांश 24.2558° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।