20 दिसंबर 2028 को पटना का चौघड़िया

बुधवार, 20 दिसंबर 2028, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 20 दिसंबर 2028 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (07:45 तक), नक्षत्र श्रवण (09:27 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:30 पर और सूर्यास्त 17:03 पर है। राहुकाल 11:47 से 13:06 तक है।

दिन और रात
दिन 06:30 – 17:03
रात 06:31 तक
तिथि
पंचमी
नक्षत्र
श्रवण, 09:27 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 दिसंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:30 – 07:49शुभ
अमृत07:49 – 09:09शुभ
काल09:09 – 10:28टालें
शुभ10:28 – 11:47शुभ
रोग11:47 – 13:06टालें
उद्वेग13:06 – 14:25टालें
चर14:25 – 15:44सामान्य
लाभ15:44 – 17:03शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:03 – 18:44टालें
शुभ18:44 – 20:25शुभ
अमृत20:25 – 22:06शुभ
चर22:06 – 23:47सामान्य
रोग23:47 – 01:28टालें
काल01:28 – 03:09टालें
लाभ03:09 – 04:50शुभ
उद्वेग04:50 – 06:31टालें

20 दिसंबर 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 07:45 तक
शुक्ल पंचमी 09:23, 21 दिस॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 09:27 तक
धनिष्ठा 11:36, 21 दिस॰ तक
योग
हर्षण 01:20, 21 दिस॰ तक
वज्रअशुभ 01:43, 22 दिस॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 07:45 तक
बव 20:30 तक
बालव 09:23, 21 दिस॰ तक
चंद्र राशि
मकर 22:28 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:30
सूर्यास्त
17:03
चंद्रोदय
09:34
चंद्रास्त
21:08
दिनमान
10h 33m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:43 – 05:37
अभिजीत मुहूर्त
11:26 – 12:08 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:47 – 13:06
यमगंड
07:49 – 09:09
गुलिक काल
10:28 – 11:47

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:3007:23दिन
चंद्र07:2308:16दिन
शनि08:1609:09दिन
गुरु09:0910:01दिन
मंगल10:0110:54दिन
सूर्य10:5411:47दिन
शुक्र11:4712:39दिन
बुध12:3913:32दिन
चंद्र13:3214:25दिन
शनि14:2515:18दिन
गुरु15:1816:10दिन
मंगल16:1017:03दिन
सूर्य17:0318:10रात
शुक्र18:1019:18रात
बुध19:1820:25रात
चंद्र20:2521:32रात
शनि21:3222:40रात
गुरु22:4023:47रात
मंगल23:4700:54रात
सूर्य00:5402:02रात
शुक्र02:0203:09रात
बुध03:0904:16रात
चंद्र04:1605:24रात
शनि05:2406:31रात

अयनांश 24.2617° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।