15 अप्रैल 2029 को पटना का चौघड़िया

रविवार, 15 अप्रैल 2029, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 15 अप्रैल 2029 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (05:33 तक), नक्षत्र अश्विनी (06:07 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 05:26 पर और सूर्यास्त 18:12 पर है। राहुकाल 16:36 से 18:12 तक है।

दिन और रात
दिन 05:26 – 18:12
रात 05:25 तक
तिथि
द्वितीया
नक्षत्र
भरणी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:26 – 07:02टालें
चर07:02 – 08:38सामान्य
लाभ08:38 – 10:13शुभ
अमृत10:13 – 11:49शुभ
काल11:49 – 13:25टालें
शुभ13:25 – 15:01शुभ
रोग15:01 – 16:36टालें
उद्वेग16:36 – 18:12टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:12 – 19:36शुभ
अमृत19:36 – 21:00शुभ
चर21:00 – 22:25सामान्य
रोग22:25 – 23:49टालें
काल23:49 – 01:13टालें
लाभ01:13 – 02:37शुभ
उद्वेग02:37 – 04:01टालें
शुभ04:01 – 05:25शुभ

15 अप्रैल 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 05:33 तक
शुक्ल द्वितीया 07:47, 16 अप्रैल तक
नक्षत्र
भरणी 08:53, 16 अप्रैल तक
योग
प्रीति 04:53, 16 अप्रैल तक
आयुष्मान 05:29, 17 अप्रैल तक
करण
बव 05:33 तक
बालव 18:41 तक
कौलव 07:47, 16 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:26
सूर्यास्त
18:12
चंद्रोदय
05:54
चंद्रास्त
19:35
दिनमान
12h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:56 – 04:41
अभिजीत मुहूर्त
11:24 – 12:15

अशुभ समय

राहुकाल
16:36 – 18:12
यमगंड
11:49 – 13:25
गुलिक काल
15:01 – 16:36

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:2606:30दिन
शुक्र06:3007:34दिन
बुध07:3408:38दिन
चंद्र08:3809:42दिन
शनि09:4210:45दिन
गुरु10:4511:49दिन
मंगल11:4912:53दिन
सूर्य12:5313:57दिन
शुक्र13:5715:01दिन
बुध15:0116:04दिन
चंद्र16:0417:08दिन
शनि17:0818:12दिन
गुरु18:1219:08रात
मंगल19:0820:04रात
सूर्य20:0421:00रात
शुक्र21:0021:56रात
बुध21:5622:53रात
चंद्र22:5323:49रात
शनि23:4900:45रात
गुरु00:4501:41रात
मंगल01:4102:37रात
सूर्य02:3703:33रात
शुक्र03:3304:29रात
बुध04:2905:25रात

अयनांश 24.2662° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।