8 जून 2029 को पटना का चौघड़िया

शुक्रवार, 8 जून 2029, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 8 जून 2029 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (04:55, 9 जून तक), नक्षत्र अश्विनी (19:14 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 04:57 पर और सूर्यास्त 18:39 पर है। राहुकाल 10:05 से 11:48 तक है।

दिन और रात
दिन 04:57 – 18:39
रात 04:57 तक
तिथि
द्वादशी, 04:55 तक
नक्षत्र
अश्विनी, 19:14 तक
भरणी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 जून 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर04:57 – 06:40सामान्य
लाभ06:40 – 08:23शुभ
अमृत08:23 – 10:05शुभ
काल10:05 – 11:48टालें
शुभ11:48 – 13:31शुभ
रोग13:31 – 15:13टालें
उद्वेग15:13 – 16:56टालें
चर16:56 – 18:39सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:39 – 19:56टालें
काल19:56 – 21:13टालें
लाभ21:13 – 22:31शुभ
उद्वेग22:31 – 23:48टालें
शुभ23:48 – 01:05शुभ
अमृत01:05 – 02:23शुभ
चर02:23 – 03:40सामान्य
रोग03:40 – 04:57टालें

8 जून 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 04:55, 9 जून तक
कृष्ण त्रयोदशी 06:48, 10 जून तक
नक्षत्र
भरणी 21:50, 9 जून तक
योग
शोभन 18:24 तक
अतिगंडअशुभ 19:04, 9 जून तक
करण
कौलव 15:51 तक
तैतिल 04:55, 9 जून तक
गर 17:54, 9 जून तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:57
सूर्यास्त
18:39
चंद्रोदय
01:53
चंद्रास्त
15:23
दिनमान
13h 42m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:35 – 04:16
अभिजीत मुहूर्त
11:21 – 12:15

अशुभ समय

राहुकाल
10:05 – 11:48
यमगंड
15:13 – 16:56
गुलिक काल
06:40 – 08:23

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र04:5706:06दिन
बुध06:0607:14दिन
चंद्र07:1408:23दिन
शनि08:2309:31दिन
गुरु09:3110:40दिन
मंगल10:4011:48दिन
सूर्य11:4812:57दिन
शुक्र12:5714:05दिन
बुध14:0515:13दिन
चंद्र15:1316:22दिन
शनि16:2217:30दिन
गुरु17:3018:39दिन
मंगल18:3919:30रात
सूर्य19:3020:22रात
शुक्र20:2221:13रात
बुध21:1322:05रात
चंद्र22:0522:57रात
शनि22:5723:48रात
गुरु23:4800:40रात
मंगल00:4001:31रात
सूर्य01:3102:23रात
शुक्र02:2303:14रात
बुध03:1404:06रात
चंद्र04:0604:57रात

अयनांश 24.2682° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।