19 जून 2029 को पटना का चौघड़िया

मंगलवार, 19 जून 2029, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 19 जून 2029 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (02:16, 20 जून तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (01:19, 20 जून तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 04:58 पर और सूर्यास्त 18:42 पर है। राहुकाल 15:16 से 16:59 तक है।

दिन और रात
दिन 04:58 – 18:42
रात 04:58 तक
तिथि
अष्टमी, 02:16 तक
नवमी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 01:19 तक
हस्त
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 जून 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग04:58 – 06:41टालें
उद्वेग06:41 – 08:24टालें
चर08:24 – 10:07सामान्य
लाभ10:07 – 11:50शुभ
अमृत11:50 – 13:33शुभ
काल13:33 – 15:16टालें
शुभ15:16 – 16:59शुभ
रोग16:59 – 18:42टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:42 – 19:59टालें
लाभ19:59 – 21:16शुभ
उद्वेग21:16 – 22:33टालें
शुभ22:33 – 23:50शुभ
अमृत23:50 – 01:07शुभ
चर01:07 – 02:24सामान्य
रोग02:24 – 03:41टालें
काल03:41 – 04:58टालें

19 जून 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 02:16, 20 जून तक
शुक्ल नवमी 23:51, 20 जून तक
नक्षत्र
हस्त 23:42, 20 जून तक
योग
सिद्धि 07:31 तक
व्यतीपातअशुभ 04:41, 20 जून तक
वरीयान 01:38, 21 जून तक
करण
विष्टि (भद्रा) 15:24 तक
बव 02:16, 20 जून तक
बालव 13:06, 20 जून तक
चंद्र राशि
सिंह 08:22 तक
सूर्य राशिमिथुन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:58
सूर्यास्त
18:42
चंद्रोदय
11:43
चंद्रास्त
23:47
दिनमान
13h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:36 – 04:17
अभिजीत मुहूर्त
11:23 – 12:18

अशुभ समय

राहुकाल
15:16 – 16:59
यमगंड
08:24 – 10:07
गुलिक काल
11:50 – 13:33

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल04:5806:07दिन
सूर्य06:0707:16दिन
शुक्र07:1608:24दिन
बुध08:2409:33दिन
चंद्र09:3310:42दिन
शनि10:4211:50दिन
गुरु11:5012:59दिन
मंगल12:5914:08दिन
सूर्य14:0815:16दिन
शुक्र15:1616:25दिन
बुध16:2517:34दिन
चंद्र17:3418:42दिन
शनि18:4219:34रात
गुरु19:3420:25रात
मंगल20:2521:16रात
सूर्य21:1622:08रात
शुक्र22:0822:59रात
बुध22:5923:50रात
चंद्र23:5000:42रात
शनि00:4201:33रात
गुरु01:3302:24रात
मंगल02:2403:16रात
सूर्य03:1604:07रात
शुक्र04:0704:58रात

अयनांश 24.2686° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।