24 जुलाई 2029 को पटना का चौघड़िया

मंगलवार, 24 जुलाई 2029, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 24 जुलाई 2029 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (19:51 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (21:34 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 05:12 पर और सूर्यास्त 18:39 पर है। राहुकाल 15:17 से 16:58 तक है।

दिन और रात
दिन 05:12 – 18:39
रात 05:12 तक
तिथि
चतुर्दशी, 19:51 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 21:34 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 जुलाई 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:12 – 06:53टालें
उद्वेग06:53 – 08:34टालें
चर08:34 – 10:14सामान्य
लाभ10:14 – 11:55शुभ
अमृत11:55 – 13:36शुभ
काल13:36 – 15:17टालें
शुभ15:17 – 16:58शुभ
रोग16:58 – 18:39टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:39 – 19:58टालें
लाभ19:58 – 21:17शुभ
उद्वेग21:17 – 22:36टालें
शुभ22:36 – 23:56शुभ
अमृत23:56 – 01:15शुभ
चर01:15 – 02:34सामान्य
रोग02:34 – 03:53टालें
काल03:53 – 05:12टालें

24 जुलाई 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 19:51 तक
पूर्णिमा 19:05, 25 जुल॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 21:35, 25 जुल॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 14:11 तक
विष्कंभअशुभ 12:29, 25 जुल॰ तक
करण
गर 08:22 तक
वणिज 19:51 तक
विष्टि (भद्रा) 07:25, 25 जुल॰ तक
चंद्र राशि
धनु 03:32, 25 जुल॰ तक
सूर्य राशिकर्क
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:12
सूर्यास्त
18:39
चंद्रोदय
17:42
चंद्रास्त
03:42
दिनमान
13h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:47 – 04:30
अभिजीत मुहूर्त
11:28 – 12:22

अशुभ समय

राहुकाल
15:17 – 16:58
यमगंड
08:34 – 10:14
गुलिक काल
11:55 – 13:36

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:1206:19दिन
सूर्य06:1907:26दिन
शुक्र07:2608:34दिन
बुध08:3409:41दिन
चंद्र09:4110:48दिन
शनि10:4811:55दिन
गुरु11:5513:03दिन
मंगल13:0314:10दिन
सूर्य14:1015:17दिन
शुक्र15:1716:24दिन
बुध16:2417:32दिन
चंद्र17:3218:39दिन
शनि18:3919:32रात
गुरु19:3220:25रात
मंगल20:2521:17रात
सूर्य21:1722:10रात
शुक्र22:1023:03रात
बुध23:0323:56रात
चंद्र23:5600:48रात
शनि00:4801:41रात
गुरु01:4102:34रात
मंगल02:3403:27रात
सूर्य03:2704:19रात
शुक्र04:1905:12रात

अयनांश 24.2700° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।