8 अगस्त 2029 को पटना का चौघड़िया

बुधवार, 8 अगस्त 2029, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 8 अगस्त 2029 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (10:20 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (20:26 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:19 पर और सूर्यास्त 18:30 पर है। राहुकाल 11:54 से 13:33 तक है।

दिन और रात
दिन 05:19 – 18:30
रात 05:19 तक
तिथि
त्रयोदशी, 10:20 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 20:26 तक
पुष्य
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 अगस्त 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:19 – 06:58शुभ
अमृत06:58 – 08:37शुभ
काल08:37 – 10:16टालें
शुभ10:16 – 11:54शुभ
रोग11:54 – 13:33टालें
उद्वेग13:33 – 15:12टालें
चर15:12 – 16:51सामान्य
लाभ16:51 – 18:30शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:30 – 19:51टालें
शुभ19:51 – 21:12शुभ
अमृत21:12 – 22:33शुभ
चर22:33 – 23:55सामान्य
रोग23:55 – 01:16टालें
काल01:16 – 02:37टालें
लाभ02:37 – 03:58शुभ
उद्वेग03:58 – 05:19टालें

8 अगस्त 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 10:20 तक
कृष्ण चतुर्दशी 09:10, 9 अग॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 19:44, 9 अग॰ तक
योग
वज्रअशुभ 11:26 तक
सिद्धि 09:27, 9 अग॰ तक
करण
वणिज 10:20 तक
विष्टि (भद्रा) 21:50 तक
शकुनि 09:10, 9 अग॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 14:30 तक
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:19
सूर्यास्त
18:30
चंद्रोदय
03:18
चंद्रास्त
17:07
दिनमान
13h 11m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:53 – 04:36
अभिजीत मुहूर्त
11:28 – 12:21 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:54 – 13:33
यमगंड
06:58 – 08:37
गुलिक काल
10:16 – 11:54

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:1906:25दिन
चंद्र06:2507:31दिन
शनि07:3108:37दिन
गुरु08:3709:43दिन
मंगल09:4310:49दिन
सूर्य10:4911:54दिन
शुक्र11:5413:00दिन
बुध13:0014:06दिन
चंद्र14:0615:12दिन
शनि15:1216:18दिन
गुरु16:1817:24दिन
मंगल17:2418:30दिन
सूर्य18:3019:24रात
शुक्र19:2420:18रात
बुध20:1821:12रात
चंद्र21:1222:06रात
शनि22:0623:01रात
गुरु23:0123:55रात
मंगल23:5500:49रात
सूर्य00:4901:43रात
शुक्र01:4302:37रात
बुध02:3703:31रात
चंद्र03:3104:25रात
शनि04:2505:19रात

अयनांश 24.2706° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।