23 सितंबर 2029 को पटना का चौघड़िया

रविवार, 23 सितंबर 2029, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 23 सितंबर 2029 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (23:59 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (19:51 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 05:38 पर और सूर्यास्त 17:44 पर है। राहुकाल 16:14 से 17:44 तक है।

दिन और रात
दिन 05:38 – 17:44
रात 05:38 तक
तिथि
प्रतिपदा, 23:59 तक
द्वितीया
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 19:51 तक
रेवती
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:38 – 07:09टालें
चर07:09 – 08:39सामान्य
लाभ08:39 – 10:10शुभ
अमृत10:10 – 11:41शुभ
काल11:41 – 13:12टालें
शुभ13:12 – 14:43शुभ
रोग14:43 – 16:14टालें
उद्वेग16:14 – 17:44टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:44 – 19:14शुभ
अमृत19:14 – 20:43शुभ
चर20:43 – 22:12सामान्य
रोग22:12 – 23:41टालें
काल23:41 – 01:11टालें
लाभ01:11 – 02:40शुभ
उद्वेग02:40 – 04:09टालें
शुभ04:09 – 05:38शुभ

23 सितंबर 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 23:59 तक
कृष्ण द्वितीया 02:16, 25 सित॰ तक
नक्षत्र
रेवती 22:37, 24 सित॰ तक
योग
वृद्धि 02:12, 24 सित॰ तक
ध्रुव 02:59, 25 सित॰ तक
करण
बालव 10:57 तक
कौलव 23:59 तक
तैतिल 13:05, 24 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:38
सूर्यास्त
17:44
चंद्रोदय
17:51
चंद्रास्त
05:58
दिनमान
12h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:03 – 04:50
अभिजीत मुहूर्त
11:17 – 12:05

अशुभ समय

राहुकाल
16:14 – 17:44
यमगंड
11:41 – 13:12
गुलिक काल
14:43 – 16:14

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:3806:38दिन
शुक्र06:3807:39दिन
बुध07:3908:39दिन
चंद्र08:3909:40दिन
शनि09:4010:41दिन
गुरु10:4111:41दिन
मंगल11:4112:42दिन
सूर्य12:4213:42दिन
शुक्र13:4214:43दिन
बुध14:4315:43दिन
चंद्र15:4316:44दिन
शनि16:4417:44दिन
गुरु17:4418:44रात
मंगल18:4419:43रात
सूर्य19:4320:43रात
शुक्र20:4321:42रात
बुध21:4222:42रात
चंद्र22:4223:41रात
शनि23:4100:41रात
गुरु00:4101:40रात
मंगल01:4002:40रात
सूर्य02:4003:39रात
शुक्र03:3904:39रात
बुध04:3905:38रात

अयनांश 24.2723° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।