26 दिसंबर 2029 को पटना का चौघड़िया

बुधवार, 26 दिसंबर 2029, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 26 दिसंबर 2029 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (05:29, 27 दिस॰ तक), नक्षत्र मघा (11:56 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:33 पर और सूर्यास्त 17:06 पर है। राहुकाल 11:50 से 13:09 तक है।

दिन और रात
दिन 06:33 – 17:06
रात 06:33 तक
तिथि
षष्ठी, 05:29 तक
नक्षत्र
मघा, 11:56 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 दिसंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:33 – 07:52शुभ
अमृत07:52 – 09:11शुभ
काल09:11 – 10:30टालें
शुभ10:30 – 11:50शुभ
रोग11:50 – 13:09टालें
उद्वेग13:09 – 14:28टालें
चर14:28 – 15:47सामान्य
लाभ15:47 – 17:06शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:06 – 18:47टालें
शुभ18:47 – 20:28शुभ
अमृत20:28 – 22:09शुभ
चर22:09 – 23:50सामान्य
रोग23:50 – 01:31टालें
काल01:31 – 03:12टालें
लाभ03:12 – 04:53शुभ
उद्वेग04:53 – 06:33टालें

26 दिसंबर 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 05:29, 27 दिस॰ तक
कृष्ण सप्तमी 04:08, 28 दिस॰ तक
नक्षत्र
मघा 11:56 तक
पूर्वा फाल्गुनी 11:32, 27 दिस॰ तक
योग
प्रीति 16:40 तक
आयुष्मान 14:34, 27 दिस॰ तक
करण
गर 18:00 तक
वणिज 05:29, 27 दिस॰ तक
विष्टि (भद्रा) 16:52, 27 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:33
सूर्यास्त
17:06
चंद्रोदय
22:15
चंद्रास्त
10:03
दिनमान
10h 33m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:45 – 05:39
अभिजीत मुहूर्त
11:28 – 12:11 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:50 – 13:09
यमगंड
07:52 – 09:11
गुलिक काल
10:30 – 11:50

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:3307:26दिन
चंद्र07:2608:19दिन
शनि08:1909:11दिन
गुरु09:1110:04दिन
मंगल10:0410:57दिन
सूर्य10:5711:50दिन
शुक्र11:5012:42दिन
बुध12:4213:35दिन
चंद्र13:3514:28दिन
शनि14:2815:21दिन
गुरु15:2116:13दिन
मंगल16:1317:06दिन
सूर्य17:0618:13रात
शुक्र18:1319:21रात
बुध19:2120:28रात
चंद्र20:2821:35रात
शनि21:3522:42रात
गुरु22:4223:50रात
मंगल23:5000:57रात
सूर्य00:5702:04रात
शुक्र02:0403:12रात
बुध03:1204:19रात
चंद्र04:1905:26रात
शनि05:2606:33रात

अयनांश 24.2759° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।