22 नवंबर 2031 को पटना का चौघड़िया

शनिवार, 22 नवंबर 2031, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 22 नवंबर 2031 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (07:19 तक), नक्षत्र शतभिषा (22:26 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:11 पर और सूर्यास्त 16:59 पर है। राहुकाल 08:53 से 10:14 तक है।

दिन और रात
दिन 06:11 – 16:59
रात 06:12 तक
तिथि
नवमी, 05:44 तक
नक्षत्र
शतभिषा, 22:26 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 नवंबर 2031 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:11 – 07:32टालें
शुभ07:32 – 08:53शुभ
रोग08:53 – 10:14टालें
उद्वेग10:14 – 11:35टालें
चर11:35 – 12:56सामान्य
लाभ12:56 – 14:17शुभ
अमृत14:17 – 15:38शुभ
काल15:38 – 16:59टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ16:59 – 18:38शुभ
उद्वेग18:38 – 20:17टालें
शुभ20:17 – 21:56शुभ
अमृत21:56 – 23:35शुभ
चर23:35 – 01:14सामान्य
रोग01:14 – 02:54टालें
काल02:54 – 04:33टालें
लाभ04:33 – 06:12शुभ

22 नवंबर 2031 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 07:19 तक
शुक्ल नवमी 05:44, 23 नव॰ तक
शुक्ल दशमी 04:32, 24 नव॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 22:26 तक
पूर्वा भाद्रपद 21:47, 23 नव॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 18:20 तक
हर्षण 16:00, 23 नव॰ तक
करण
बव 07:19 तक
बालव 18:28 तक
कौलव 05:44, 23 नव॰ तक
तैतिल 17:05, 23 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:11
सूर्यास्त
16:59
चंद्रोदय
12:26
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
10h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2088
शक संवत
1953, विरोधकृत संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:25 – 05:18
अभिजीत मुहूर्त
11:13 – 11:56

अशुभ समय

राहुकाल
08:53 – 10:14
यमगंड
12:56 – 14:17
गुलिक काल
06:11 – 07:32

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:1107:05दिन
गुरु07:0507:59दिन
मंगल07:5908:53दिन
सूर्य08:5309:47दिन
शुक्र09:4710:41दिन
बुध10:4111:35दिन
चंद्र11:3512:29दिन
शनि12:2913:23दिन
गुरु13:2314:17दिन
मंगल14:1715:11दिन
सूर्य15:1116:05दिन
शुक्र16:0516:59दिन
बुध16:5918:05रात
चंद्र18:0519:11रात
शनि19:1120:17रात
गुरु20:1721:23रात
मंगल21:2322:29रात
सूर्य22:2923:35रात
शुक्र23:3500:41रात
बुध00:4101:47रात
चंद्र01:4702:54रात
शनि02:5404:00रात
गुरु04:0005:06रात
मंगल05:0606:12रात

अयनांश 24.3025° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।