17 नवंबर 2034 को पटना का चौघड़िया

शुक्रवार, 17 नवंबर 2034, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 17 नवंबर 2034 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (20:15 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (14:28 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 06:08 पर और सूर्यास्त 17:00 पर है। राहुकाल 10:12 से 11:34 तक है।

दिन और रात
दिन 06:08 – 17:00
रात 06:08 तक
तिथि
षष्ठी, 20:15 तक
सप्तमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 14:28 तक
श्रवण
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 नवंबर 2034 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:08 – 07:29सामान्य
लाभ07:29 – 08:51शुभ
अमृत08:51 – 10:12शुभ
काल10:12 – 11:34टालें
शुभ11:34 – 12:55शुभ
रोग12:55 – 14:17टालें
उद्वेग14:17 – 15:38टालें
चर15:38 – 17:00सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:00 – 18:38टालें
काल18:38 – 20:17टालें
लाभ20:17 – 21:56शुभ
उद्वेग21:56 – 23:34टालें
शुभ23:34 – 01:13शुभ
अमृत01:13 – 02:51शुभ
चर02:51 – 04:30सामान्य
रोग04:30 – 06:08टालें

17 नवंबर 2034 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 20:15 तक
शुक्ल सप्तमी 21:16, 18 नव॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 16:09, 18 नव॰ तक
योग
गंडअशुभ 19:09 तक
वृद्धि 18:50, 18 नव॰ तक
करण
कौलव 07:31 तक
तैतिल 20:15 तक
गर 08:51, 18 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:08
सूर्यास्त
17:00
चंद्रोदय
10:51
चंद्रास्त
22:11
दिनमान
10h 52m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2091
शक संवत
1956, आनंद संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:23 – 05:15
अभिजीत मुहूर्त
11:12 – 11:55

अशुभ समय

राहुकाल
10:12 – 11:34
यमगंड
14:17 – 15:38
गुलिक काल
07:29 – 08:51

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:0807:02दिन
बुध07:0207:56दिन
चंद्र07:5608:51दिन
शनि08:5109:45दिन
गुरु09:4510:39दिन
मंगल10:3911:34दिन
सूर्य11:3412:28दिन
शुक्र12:2813:22दिन
बुध13:2214:17दिन
चंद्र14:1715:11दिन
शनि15:1116:05दिन
गुरु16:0517:00दिन
मंगल17:0018:05रात
सूर्य18:0519:11रात
शुक्र19:1120:17रात
बुध20:1721:23रात
चंद्र21:2322:28रात
शनि22:2823:34रात
गुरु23:3400:40रात
मंगल00:4001:46रात
सूर्य01:4602:51रात
शुक्र02:5103:57रात
बुध03:5705:03रात
चंद्र05:0306:08रात

अयनांश 24.3443° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।