29 अक्टूबर 2041 को पटना का चौघड़िया

मंगलवार, 29 अक्टूबर 2041, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 29 अक्टूबर 2041 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (09:24 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (10:01 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:55 पर और सूर्यास्त 17:10 पर है। राहुकाल 14:21 से 15:45 तक है।

दिन और रात
दिन 05:55 – 17:10
रात 05:56 तक
तिथि
चतुर्थी, 09:24 तक
पंचमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 10:01 तक
मूल
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 अक्टूबर 2041 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:55 – 07:20टालें
उद्वेग07:20 – 08:44टालें
चर08:44 – 10:08सामान्य
लाभ10:08 – 11:33शुभ
अमृत11:33 – 12:57शुभ
काल12:57 – 14:21टालें
शुभ14:21 – 15:45शुभ
रोग15:45 – 17:10टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:10 – 18:45टालें
लाभ18:45 – 20:21शुभ
उद्वेग20:21 – 21:57टालें
शुभ21:57 – 23:33शुभ
अमृत23:33 – 01:09शुभ
चर01:09 – 02:44सामान्य
रोग02:44 – 04:20टालें
काल04:20 – 05:56टालें

29 अक्टूबर 2041 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 09:24 तक
शुक्ल पंचमी 08:52, 30 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मूल 10:06, 30 अक्टू॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 00:02, 30 अक्टू॰ तक
सुकर्मा 22:13, 30 अक्टू॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 09:24 तक
बव 21:12 तक
बालव 08:52, 30 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:55
सूर्यास्त
17:10
चंद्रोदय
09:50
चंद्रास्त
20:17
दिनमान
11h 14m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2098
शक संवत
1963, दुर्मति संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:13 – 05:04
अभिजीत मुहूर्त
11:10 – 11:55

अशुभ समय

राहुकाल
14:21 – 15:45
यमगंड
08:44 – 10:08
गुलिक काल
11:33 – 12:57

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:5506:51दिन
सूर्य06:5107:48दिन
शुक्र07:4808:44दिन
बुध08:4409:40दिन
चंद्र09:4010:36दिन
शनि10:3611:33दिन
गुरु11:3312:29दिन
मंगल12:2913:25दिन
सूर्य13:2514:21दिन
शुक्र14:2115:17दिन
बुध15:1716:14दिन
चंद्र16:1417:10दिन
शनि17:1018:14रात
गुरु18:1419:17रात
मंगल19:1720:21रात
सूर्य20:2121:25रात
शुक्र21:2522:29रात
बुध22:2923:33रात
चंद्र23:3300:37रात
शनि00:3701:40रात
गुरु01:4002:44रात
मंगल02:4403:48रात
सूर्य03:4804:52रात
शुक्र04:5205:56रात

अयनांश 24.4414° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।