12 नवंबर 2048 को पटना का चौघड़िया

गुरुवार, 12 नवंबर 2048, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 12 नवंबर 2048 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (14:45 तक), नक्षत्र श्रवण (20:19 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 06:05 पर और सूर्यास्त 17:01 पर है। राहुकाल 12:55 से 14:17 तक है।

दिन और रात
दिन 06:05 – 17:01
रात 06:05 तक
तिथि
सप्तमी, 14:45 तक
अष्टमी
नक्षत्र
श्रवण, 20:19 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 नवंबर 2048 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:05 – 07:27शुभ
रोग07:27 – 08:49टालें
उद्वेग08:49 – 10:11टालें
चर10:11 – 11:33सामान्य
लाभ11:33 – 12:55शुभ
अमृत12:55 – 14:17शुभ
काल14:17 – 15:39टालें
शुभ15:39 – 17:01शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:01 – 18:39शुभ
चर18:39 – 20:17सामान्य
रोग20:17 – 21:55टालें
काल21:55 – 23:33टालें
लाभ23:33 – 01:11शुभ
उद्वेग01:11 – 02:49टालें
शुभ02:49 – 04:27शुभ
अमृत04:27 – 06:05शुभ

12 नवंबर 2048 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 14:45 तक
शुक्ल अष्टमी 13:19, 13 नव॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 20:19 तक
धनिष्ठा 19:40, 13 नव॰ तक
योग
गंडअशुभ 10:05 तक
वृद्धि 07:38, 13 नव॰ तक
करण
वणिज 14:45 तक
विष्टि (भद्रा) 01:58, 13 नव॰ तक
बव 13:19, 13 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:05
सूर्यास्त
17:01
चंद्रोदय
11:43
चंद्रास्त
23:20
दिनमान
10h 57m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2105
शक संवत
1970, विभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:20 – 05:12
अभिजीत मुहूर्त
11:11 – 11:55

अशुभ समय

राहुकाल
12:55 – 14:17
यमगंड
06:05 – 07:27
गुलिक काल
08:49 – 10:11

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:0506:59दिन
मंगल06:5907:54दिन
सूर्य07:5408:49दिन
शुक्र08:4909:44दिन
बुध09:4410:38दिन
चंद्र10:3811:33दिन
शनि11:3312:28दिन
गुरु12:2813:22दिन
मंगल13:2214:17दिन
सूर्य14:1715:12दिन
शुक्र15:1216:07दिन
बुध16:0717:01दिन
चंद्र17:0118:07रात
शनि18:0719:12रात
गुरु19:1220:17रात
मंगल20:1721:23रात
सूर्य21:2322:28रात
शुक्र22:2823:33रात
बुध23:3300:39रात
चंद्र00:3901:44रात
शनि01:4402:49रात
गुरु02:4903:55रात
मंगल03:5505:00रात
सूर्य05:0006:05रात

अयनांश 24.5397° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।