18 नवंबर 2058 को पटना का चौघड़िया

सोमवार, 18 नवंबर 2058, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 18 नवंबर 2058 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (03:43, 19 नव॰ तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (13:51 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:09 पर और सूर्यास्त 16:59 पर है। राहुकाल 07:30 से 08:51 तक है।

दिन और रात
दिन 06:09 – 16:59
रात 06:09 तक
तिथि
तृतीया, 03:43 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 13:51 तक
मूल
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 नवंबर 2058 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:09 – 07:30शुभ
काल07:30 – 08:51टालें
शुभ08:51 – 10:13शुभ
रोग10:13 – 11:34टालें
उद्वेग11:34 – 12:55टालें
चर12:55 – 14:17सामान्य
लाभ14:17 – 15:38शुभ
अमृत15:38 – 16:59शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर16:59 – 18:38सामान्य
रोग18:38 – 20:17टालें
काल20:17 – 21:56टालें
लाभ21:56 – 23:34शुभ
उद्वेग23:34 – 01:13टालें
शुभ01:13 – 02:52शुभ
अमृत02:52 – 04:31शुभ
चर04:31 – 06:09सामान्य

18 नवंबर 2058 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 03:43, 19 नव॰ तक
शुक्ल चतुर्थी 01:34, 20 नव॰ तक
नक्षत्र
मूल 12:30, 19 नव॰ तक
योग
सुकर्मा 16:40 तक
धृति 13:48, 19 नव॰ तक
करण
तैतिल 16:43 तक
गर 03:43, 19 नव॰ तक
वणिज 14:39, 19 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:09
सूर्यास्त
16:59
चंद्रोदय
08:13
चंद्रास्त
18:54
दिनमान
10h 51m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2115
शक संवत
1980, बहुधान्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:23 – 05:16
अभिजीत मुहूर्त
11:12 – 11:56

अशुभ समय

राहुकाल
07:30 – 08:51
यमगंड
10:13 – 11:34
गुलिक काल
12:55 – 14:17

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:0907:03दिन
शनि07:0307:57दिन
गुरु07:5708:51दिन
मंगल08:5109:45दिन
सूर्य09:4510:40दिन
शुक्र10:4011:34दिन
बुध11:3412:28दिन
चंद्र12:2813:22दिन
शनि13:2214:17दिन
गुरु14:1715:11दिन
मंगल15:1116:05दिन
सूर्य16:0516:59दिन
शुक्र16:5918:05रात
बुध18:0519:11रात
चंद्र19:1120:17रात
शनि20:1721:23रात
गुरु21:2322:28रात
मंगल22:2823:34रात
सूर्य23:3400:40रात
शुक्र00:4001:46रात
बुध01:4602:52रात
चंद्र02:5203:58रात
शनि03:5805:03रात
गुरु05:0306:09रात

अयनांश 24.6796° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।