14 नवंबर 2064 को पटना का चौघड़िया

शुक्रवार, 14 नवंबर 2064, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 14 नवंबर 2064 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (12:31 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (12:38 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 06:06 पर और सूर्यास्त 17:01 पर है। राहुकाल 10:11 से 11:33 तक है।

दिन और रात
दिन 06:06 – 17:01
रात 06:07 तक
तिथि
षष्ठी, 12:31 तक
सप्तमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 12:38 तक
श्रवण
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 नवंबर 2064 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:06 – 07:28सामान्य
लाभ07:28 – 08:50शुभ
अमृत08:50 – 10:11शुभ
काल10:11 – 11:33टालें
शुभ11:33 – 12:55शुभ
रोग12:55 – 14:17टालें
उद्वेग14:17 – 15:39टालें
चर15:39 – 17:01सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:01 – 18:39टालें
काल18:39 – 20:17टालें
लाभ20:17 – 21:55शुभ
उद्वेग21:55 – 23:34टालें
शुभ23:34 – 01:12शुभ
अमृत01:12 – 02:50शुभ
चर02:50 – 04:28सामान्य
रोग04:28 – 06:07टालें

14 नवंबर 2064 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 12:31 तक
शुक्ल सप्तमी 13:08, 15 नव॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 13:49, 15 नव॰ तक
योग
गंडअशुभ 21:59 तक
वृद्धि 21:32, 15 नव॰ तक
करण
तैतिल 12:31 तक
गर 00:43, 15 नव॰ तक
वणिज 13:08, 15 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:06
सूर्यास्त
17:01
चंद्रोदय
11:19
चंद्रास्त
22:25
दिनमान
10h 54m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2121
शक संवत
1986, तारण संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:21 – 05:14
अभिजीत मुहूर्त
11:11 – 11:55

अशुभ समय

राहुकाल
10:11 – 11:33
यमगंड
14:17 – 15:39
गुलिक काल
07:28 – 08:50

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:0607:01दिन
बुध07:0107:55दिन
चंद्र07:5508:50दिन
शनि08:5009:44दिन
गुरु09:4410:39दिन
मंगल10:3911:33दिन
सूर्य11:3312:28दिन
शुक्र12:2813:22दिन
बुध13:2214:17दिन
चंद्र14:1715:11दिन
शनि15:1116:06दिन
गुरु16:0617:01दिन
मंगल17:0118:06रात
सूर्य18:0619:12रात
शुक्र19:1220:17रात
बुध20:1721:23रात
चंद्र21:2322:28रात
शनि22:2823:34रात
गुरु23:3400:39रात
मंगल00:3901:45रात
सूर्य01:4502:50रात
शुक्र02:5003:56रात
बुध03:5605:01रात
चंद्र05:0106:07रात

अयनांश 24.7633° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।