2 नवंबर 2093 को पटना का चौघड़िया

सोमवार, 2 नवंबर 2093, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 2 नवंबर 2093 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (12:56 तक), नक्षत्र रेवती (06:45 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:58 पर और सूर्यास्त 17:07 पर है। राहुकाल 07:22 से 08:45 तक है।

दिन और रात
दिन 05:58 – 17:07
रात 05:59 तक
तिथि
चतुर्दशी, 12:56 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
अश्विनी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 नवंबर 2093 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:58 – 07:22शुभ
काल07:22 – 08:45टालें
शुभ08:45 – 10:09शुभ
रोग10:09 – 11:32टालें
उद्वेग11:32 – 12:56टालें
चर12:56 – 14:19सामान्य
लाभ14:19 – 15:43शुभ
अमृत15:43 – 17:07शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:07 – 18:43सामान्य
रोग18:43 – 20:20टालें
काल20:20 – 21:56टालें
लाभ21:56 – 23:33शुभ
उद्वेग23:33 – 01:09टालें
शुभ01:09 – 02:46शुभ
अमृत02:46 – 04:22शुभ
चर04:22 – 05:59सामान्य

2 नवंबर 2093 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 12:56 तक
पूर्णिमा 12:17, 3 नव॰ तक
नक्षत्र
रेवती 06:45 तक
अश्विनी 06:38, 3 नव॰ तक
योग
वज्रअशुभ 14:40 तक
सिद्धि 13:01, 3 नव॰ तक
करण
वणिज 12:56 तक
विष्टि (भद्रा) 00:33, 3 नव॰ तक
बव 12:17, 3 नव॰ तक
चंद्र राशि
मीन 06:45 तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:58
सूर्यास्त
17:07
चंद्रोदय
16:47
चंद्रास्त
04:46
दिनमान
11h 9m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2150
शक संवत
2015, प्रमादी संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:15 – 05:07
अभिजीत मुहूर्त
11:10 – 11:55

अशुभ समय

राहुकाल
07:22 – 08:45
यमगंड
10:09 – 11:32
गुलिक काल
12:56 – 14:19

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:5806:54दिन
शनि06:5407:49दिन
गुरु07:4908:45दिन
मंगल08:4509:41दिन
सूर्य09:4110:37दिन
शुक्र10:3711:32दिन
बुध11:3212:28दिन
चंद्र12:2813:24दिन
शनि13:2414:19दिन
गुरु14:1915:15दिन
मंगल15:1516:11दिन
सूर्य16:1117:07दिन
शुक्र17:0718:11रात
बुध18:1119:15रात
चंद्र19:1520:20रात
शनि20:2021:24रात
गुरु21:2422:28रात
मंगल22:2823:33रात
सूर्य23:3300:37रात
शुक्र00:3701:41रात
बुध01:4102:46रात
चंद्र02:4603:50रात
शनि03:5004:54रात
गुरु04:5405:59रात

अयनांश 25.1681° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।