31 अक्टूबर 2098 को पटना का चौघड़िया

शुक्रवार, 31 अक्टूबर 2098, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 31 अक्टूबर 2098 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (17:08 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (22:24 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 05:57 पर और सूर्यास्त 17:08 पर है। राहुकाल 10:08 से 11:32 तक है।

दिन और रात
दिन 05:57 – 17:08
रात 05:57 तक
तिथि
सप्तमी, 17:08 तक
अष्टमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 22:24 तक
श्रवण
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 अक्टूबर 2098 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:57 – 07:21सामान्य
लाभ07:21 – 08:44शुभ
अमृत08:44 – 10:08शुभ
काल10:08 – 11:32टालें
शुभ11:32 – 12:56शुभ
रोग12:56 – 14:20टालें
उद्वेग14:20 – 15:44टालें
चर15:44 – 17:08सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:08 – 18:44टालें
काल18:44 – 20:20टालें
लाभ20:20 – 21:57शुभ
उद्वेग21:57 – 23:33टालें
शुभ23:33 – 01:09शुभ
अमृत01:09 – 02:45शुभ
चर02:45 – 04:21सामान्य
रोग04:21 – 05:57टालें

31 अक्टूबर 2098 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 17:08 तक
शुक्ल अष्टमी 19:32, 1 नव॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 01:20, 2 नव॰ तक
योग
धृति 09:36 तक
शूलअशुभ 10:19, 1 नव॰ तक
करण
वणिज 17:08 तक
विष्टि (भद्रा) 06:18, 1 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:57
सूर्यास्त
17:08
चंद्रोदय
12:15
चंद्रास्त
22:54
दिनमान
11h 12m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2155
शक संवत
2020, कालयुक्त संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:14 – 05:05
अभिजीत मुहूर्त
11:10 – 11:55

अशुभ समय

राहुकाल
10:08 – 11:32
यमगंड
14:20 – 15:44
गुलिक काल
07:21 – 08:44

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:5706:53दिन
बुध06:5307:48दिन
चंद्र07:4808:44दिन
शनि08:4409:40दिन
गुरु09:4010:36दिन
मंगल10:3611:32दिन
सूर्य11:3212:28दिन
शुक्र12:2813:24दिन
बुध13:2414:20दिन
चंद्र14:2015:16दिन
शनि15:1616:12दिन
गुरु16:1217:08दिन
मंगल17:0818:12रात
सूर्य18:1219:16रात
शुक्र19:1620:20रात
बुध20:2021:24रात
चंद्र21:2422:29रात
शनि22:2923:33रात
गुरु23:3300:37रात
मंगल00:3701:41रात
सूर्य01:4102:45रात
शुक्र02:4503:49रात
बुध03:4904:53रात
चंद्र04:5305:57रात

अयनांश 25.2379° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।