9 जनवरी 2025 को पर्थ का चौघड़िया

गुरुवार, 9 जनवरी 2025, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

गुरुवार, 9 जनवरी 2025 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (14:53 तक), नक्षत्र भरणी (17:37 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 05:20 पर और सूर्यास्त 19:26 पर है। राहुकाल 14:09 से 15:55 तक है।

दिन और रात
दिन 05:20 – 19:26
रात 05:21 तक
तिथि
दशमी, 14:53 तक
एकादशी
नक्षत्र
भरणी, 17:37 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:20 – 07:06शुभ
रोग07:06 – 08:51टालें
उद्वेग08:51 – 10:37टालें
चर10:37 – 12:23सामान्य
लाभ12:23 – 14:09शुभ
अमृत14:09 – 15:55शुभ
काल15:55 – 17:40टालें
शुभ17:40 – 19:26शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत19:26 – 20:40शुभ
चर20:40 – 21:55सामान्य
रोग21:55 – 23:09टालें
काल23:09 – 00:23टालें
लाभ00:23 – 01:38शुभ
उद्वेग01:38 – 02:52टालें
शुभ02:52 – 04:06शुभ
अमृत04:06 – 05:21शुभ

9 जनवरी 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल दशमी 14:53 तक
शुक्ल एकादशी 12:50, 10 जन॰ तक
नक्षत्र
भरणी 17:37 तक
कृत्तिका 16:15, 10 जन॰ तक
योग
साध्य 19:59 तक
शुभ 17:06, 10 जन॰ तक
करण
गर 14:53 तक
वणिज 01:51, 10 जन॰ तक
विष्टि (भद्रा) 12:50, 10 जन॰ तक
चंद्र राशि
मेष 23:16 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:20
सूर्यास्त
19:26
चंद्रोदय
15:00
चंद्रास्त
00:44
दिनमान
14h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:01 – 04:40
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:51

अशुभ समय

राहुकाल
14:09 – 15:55
यमगंड
05:20 – 07:06
गुलिक काल
08:51 – 10:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:2006:30दिन
मंगल06:3007:41दिन
सूर्य07:4108:51दिन
शुक्र08:5110:02दिन
बुध10:0211:12दिन
चंद्र11:1212:23दिन
शनि12:2313:34दिन
गुरु13:3414:44दिन
मंगल14:4415:55दिन
सूर्य15:5517:05दिन
शुक्र17:0518:16दिन
बुध18:1619:26दिन
चंद्र19:2620:16रात
शनि20:1621:05रात
गुरु21:0521:55रात
मंगल21:5522:44रात
सूर्य22:4423:34रात
शुक्र23:3400:23रात
बुध00:2301:13रात
चंद्र01:1302:03रात
शनि02:0302:52रात
गुरु02:5203:42रात
मंगल03:4204:31रात
सूर्य04:3105:21रात

अयनांश 24.2066° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।