30 जनवरी 2025 को पर्थ का चौघड़िया

गुरुवार, 30 जनवरी 2025, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

गुरुवार, 30 जनवरी 2025 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (18:41 तक), नक्षत्र श्रवण (09:45 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 05:39 पर और सूर्यास्त 19:19 पर है। राहुकाल 14:12 से 15:54 तक है।

दिन और रात
दिन 05:39 – 19:19
रात 05:40 तक
तिथि
प्रतिपदा, 18:41 तक
द्वितीया
नक्षत्र
श्रवण, 09:45 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:39 – 07:22शुभ
रोग07:22 – 09:04टालें
उद्वेग09:04 – 10:47टालें
चर10:47 – 12:29सामान्य
लाभ12:29 – 14:12शुभ
अमृत14:12 – 15:54शुभ
काल15:54 – 17:37टालें
शुभ17:37 – 19:19शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत19:19 – 20:37शुभ
चर20:37 – 21:54सामान्य
रोग21:54 – 23:12टालें
काल23:12 – 00:30टालें
लाभ00:30 – 01:47शुभ
उद्वेग01:47 – 03:05टालें
शुभ03:05 – 04:22शुभ
अमृत04:22 – 05:40शुभ

30 जनवरी 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 18:41 तक
शुक्ल द्वितीया 16:29, 31 जन॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 09:45 तक
धनिष्ठा 08:20, 31 जन॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 21:03 तक
वरीयान 18:02, 31 जन॰ तक
करण
किंस्तुघ्न 07:41 तक
बव 18:41 तक
बालव 05:36, 31 जन॰ तक
कौलव 16:29, 31 जन॰ तक
चंद्र राशि
मकर 21:05 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:39
सूर्यास्त
19:19
चंद्रोदय
06:04
चंद्रास्त
20:06
दिनमान
13h 40m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:17 – 04:58
अभिजीत मुहूर्त
12:02 – 12:56

अशुभ समय

राहुकाल
14:12 – 15:54
यमगंड
05:39 – 07:22
गुलिक काल
09:04 – 10:47

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:3906:47दिन
मंगल06:4707:56दिन
सूर्य07:5609:04दिन
शुक्र09:0410:12दिन
बुध10:1211:21दिन
चंद्र11:2112:29दिन
शनि12:2913:37दिन
गुरु13:3714:46दिन
मंगल14:4615:54दिन
सूर्य15:5417:02दिन
शुक्र17:0218:11दिन
बुध18:1119:19दिन
चंद्र19:1920:11रात
शनि20:1121:03रात
गुरु21:0321:54रात
मंगल21:5422:46रात
सूर्य22:4623:38रात
शुक्र23:3800:30रात
बुध00:3001:21रात
चंद्र01:2102:13रात
शनि02:1303:05रात
गुरु03:0503:57रात
मंगल03:5704:48रात
सूर्य04:4805:40रात

अयनांश 24.2074° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।