3 फ़रवरी 2025 को पर्थ का चौघड़िया

सोमवार, 3 फ़रवरी 2025, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

सोमवार, 3 फ़रवरी 2025 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (09:23 तक), नक्षत्र रेवती (01:46, 4 फ़र॰ तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:43 पर और सूर्यास्त 19:16 पर है। राहुकाल 07:25 से 09:06 तक है।

दिन और रात
दिन 05:43 – 19:16
रात 05:44 तक
तिथि
पंचमी, 09:23 तक
षष्ठी
नक्षत्र
रेवती, 01:46 तक
अश्विनी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 फ़रवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:43 – 07:25शुभ
काल07:25 – 09:06टालें
शुभ09:06 – 10:48शुभ
रोग10:48 – 12:30टालें
उद्वेग12:30 – 14:11टालें
चर14:11 – 15:53सामान्य
लाभ15:53 – 17:35शुभ
अमृत17:35 – 19:16शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:16 – 20:35सामान्य
रोग20:35 – 21:53टालें
काल21:53 – 23:12टालें
लाभ23:12 – 00:30शुभ
उद्वेग00:30 – 01:49टालें
शुभ01:49 – 03:07शुभ
अमृत03:07 – 04:25शुभ
चर04:25 – 05:44सामान्य

3 फ़रवरी 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 09:23 तक
शुक्ल षष्ठी 07:07, 4 फ़र॰ तक
नक्षत्र
रेवती 01:46, 4 फ़र॰ तक
अश्विनी 00:19, 5 फ़र॰ तक
योग
सिद्ध 08:35 तक
साध्य 05:32, 4 फ़र॰ तक
शुभ 02:36, 5 फ़र॰ तक
करण
बालव 09:23 तक
कौलव 20:14 तक
तैतिल 07:07, 4 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
मीन 01:46, 4 फ़र॰ तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:43
सूर्यास्त
19:16
चंद्रोदय
10:35
चंद्रास्त
22:11
दिनमान
13h 33m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:19 – 05:01
अभिजीत मुहूर्त
12:02 – 12:57

अशुभ समय

राहुकाल
07:25 – 09:06
यमगंड
10:48 – 12:30
गुलिक काल
14:11 – 15:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:4306:51दिन
शनि06:5107:58दिन
गुरु07:5809:06दिन
मंगल09:0610:14दिन
सूर्य10:1411:22दिन
शुक्र11:2212:30दिन
बुध12:3013:37दिन
चंद्र13:3714:45दिन
शनि14:4515:53दिन
गुरु15:5317:01दिन
मंगल17:0118:08दिन
सूर्य18:0819:16दिन
शुक्र19:1620:09रात
बुध20:0921:01रात
चंद्र21:0121:53रात
शनि21:5322:45रात
गुरु22:4523:38रात
मंगल23:3800:30रात
सूर्य00:3001:22रात
शुक्र01:2202:15रात
बुध02:1503:07रात
चंद्र03:0703:59रात
शनि03:5904:52रात
गुरु04:5205:44रात

अयनांश 24.2076° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।