28 फ़रवरी 2025 को पर्थ का चौघड़िया

शुक्रवार, 28 फ़रवरी 2025, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

शुक्रवार, 28 फ़रवरी 2025 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (08:44 तक), नक्षत्र शतभिषा (16:10 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:05 पर और सूर्यास्त 18:52 पर है। राहुकाल 10:52 से 12:28 तक है।

दिन और रात
दिन 06:05 – 18:52
रात 06:05 तक
तिथि
प्रतिपदा, 05:46 तक
नक्षत्र
शतभिषा, 16:10 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 फ़रवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:05 – 07:40सामान्य
लाभ07:40 – 09:16शुभ
अमृत09:16 – 10:52शुभ
काल10:52 – 12:28टालें
शुभ12:28 – 14:04शुभ
रोग14:04 – 15:40टालें
उद्वेग15:40 – 17:16टालें
चर17:16 – 18:52सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:52 – 20:16टालें
काल20:16 – 21:40टालें
लाभ21:40 – 23:05शुभ
उद्वेग23:05 – 00:29टालें
शुभ00:29 – 01:53शुभ
अमृत01:53 – 03:17शुभ
चर03:17 – 04:41सामान्य
रोग04:41 – 06:05टालें

28 फ़रवरी 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
अमावस्या 08:44 तक
शुक्ल प्रतिपदा 05:46, 1 मार्च तक
शुक्ल द्वितीया 02:39, 2 मार्च तक
नक्षत्र
शतभिषा 16:10 तक
पूर्वा भाद्रपद 13:52, 1 मार्च तक
योग
सिद्ध 22:37 तक
साध्य 18:54, 1 मार्च तक
करण
नाग 08:44 तक
किंस्तुघ्न 19:17 तक
बव 05:46, 1 मार्च तक
बालव 16:13, 1 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:05
सूर्यास्त
18:52
चंद्रोदय
06:00
चंद्रास्त
19:08
दिनमान
12h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:35 – 05:20
अभिजीत मुहूर्त
12:03 – 12:54

अशुभ समय

राहुकाल
10:52 – 12:28
यमगंड
15:40 – 17:16
गुलिक काल
07:40 – 09:16

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:0507:09दिन
बुध07:0908:12दिन
चंद्र08:1209:16दिन
शनि09:1610:20दिन
गुरु10:2011:24दिन
मंगल11:2412:28दिन
सूर्य12:2813:32दिन
शुक्र13:3214:36दिन
बुध14:3615:40दिन
चंद्र15:4016:44दिन
शनि16:4417:48दिन
गुरु17:4818:52दिन
मंगल18:5219:48रात
सूर्य19:4820:44रात
शुक्र20:4421:40रात
बुध21:4022:36रात
चंद्र22:3623:33रात
शनि23:3300:29रात
गुरु00:2901:25रात
मंगल01:2502:21रात
सूर्य02:2103:17रात
शुक्र03:1704:13रात
बुध04:1305:09रात
चंद्र05:0906:05रात

अयनांश 24.2085° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।