2 मार्च 2025 को पर्थ का चौघड़िया

रविवार, 2 मार्च 2025, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

रविवार, 2 मार्च 2025 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (23:32 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (11:29 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:06 पर और सूर्यास्त 18:50 पर है। राहुकाल 17:14 से 18:50 तक है।

दिन और रात
दिन 06:06 – 18:50
रात 06:07 तक
तिथि
तृतीया, 23:32 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 11:29 तक
रेवती
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:06 – 07:42टालें
चर07:42 – 09:17सामान्य
लाभ09:17 – 10:52शुभ
अमृत10:52 – 12:28शुभ
काल12:28 – 14:03टालें
शुभ14:03 – 15:39शुभ
रोग15:39 – 17:14टालें
उद्वेग17:14 – 18:50टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:50 – 20:14शुभ
अमृत20:14 – 21:39शुभ
चर21:39 – 23:04सामान्य
रोग23:04 – 00:28टालें
काल00:28 – 01:53टालें
लाभ01:53 – 03:18शुभ
उद्वेग03:18 – 04:42टालें
शुभ04:42 – 06:07शुभ

2 मार्च 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 23:32 तक
शुक्ल चतुर्थी 20:32, 3 मार्च तक
नक्षत्र
रेवती 09:09, 3 मार्च तक
योग
शुभ 15:09 तक
शुक्ल 11:27, 3 मार्च तक
करण
तैतिल 13:05 तक
गर 23:32 तक
वणिज 10:01, 3 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:06
सूर्यास्त
18:50
चंद्रोदय
08:19
चंद्रास्त
20:10
दिनमान
12h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:36 – 05:21
अभिजीत मुहूर्त
12:02 – 12:53

अशुभ समय

राहुकाल
17:14 – 18:50
यमगंड
12:28 – 14:03
गुलिक काल
15:39 – 17:14

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:0607:10दिन
शुक्र07:1008:13दिन
बुध08:1309:17दिन
चंद्र09:1710:21दिन
शनि10:2111:24दिन
गुरु11:2412:28दिन
मंगल12:2813:32दिन
सूर्य13:3214:35दिन
शुक्र14:3515:39दिन
बुध15:3916:42दिन
चंद्र16:4217:46दिन
शनि17:4618:50दिन
गुरु18:5019:46रात
मंगल19:4620:43रात
सूर्य20:4321:39रात
शुक्र21:3922:35रात
बुध22:3523:32रात
चंद्र23:3200:28रात
शनि00:2801:25रात
गुरु01:2502:21रात
मंगल02:2103:18रात
सूर्य03:1804:14रात
शुक्र04:1405:10रात
बुध05:1006:07रात

अयनांश 24.2086° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।