4 मार्च 2025 को पर्थ का चौघड़िया

मंगलवार, 4 मार्च 2025, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

मंगलवार, 4 मार्च 2025 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (17:47 तक), नक्षत्र अश्विनी (06:59 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:08 पर और सूर्यास्त 18:47 पर है। राहुकाल 15:37 से 17:12 तक है।

दिन और रात
दिन 06:08 – 18:47
रात 06:08 तक
तिथि
पंचमी, 17:47 तक
षष्ठी
नक्षत्र
भरणी, 05:07 तक
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:08 – 07:43टालें
उद्वेग07:43 – 09:18टालें
चर09:18 – 10:53सामान्य
लाभ10:53 – 12:27शुभ
अमृत12:27 – 14:02शुभ
काल14:02 – 15:37टालें
शुभ15:37 – 17:12शुभ
रोग17:12 – 18:47टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:47 – 20:12टालें
लाभ20:12 – 21:38शुभ
उद्वेग21:38 – 23:03टालें
शुभ23:03 – 00:28शुभ
अमृत00:28 – 01:53शुभ
चर01:53 – 03:18सामान्य
रोग03:18 – 04:43टालें
काल04:43 – 06:08टालें

4 मार्च 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 17:47 तक
शुक्ल षष्ठी 15:21, 5 मार्च तक
नक्षत्र
भरणी 05:07, 5 मार्च तक
कृत्तिका 03:38, 6 मार्च तक
योग
ब्रह्म 07:54 तक
इंद्र 04:36, 5 मार्च तक
वैधृतिअशुभ 01:37, 6 मार्च तक
करण
बव 07:07 तक
बालव 17:47 तक
कौलव 04:31, 5 मार्च तक
तैतिल 15:21, 5 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:08
सूर्यास्त
18:47
चंद्रोदय
10:40
चंद्रास्त
21:21
दिनमान
12h 40m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:37 – 05:22
अभिजीत मुहूर्त
12:02 – 12:53

अशुभ समय

राहुकाल
15:37 – 17:12
यमगंड
09:18 – 10:53
गुलिक काल
12:27 – 14:02

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:0807:11दिन
सूर्य07:1108:14दिन
शुक्र08:1409:18दिन
बुध09:1810:21दिन
चंद्र10:2111:24दिन
शनि11:2412:27दिन
गुरु12:2713:31दिन
मंगल13:3114:34दिन
सूर्य14:3415:37दिन
शुक्र15:3716:41दिन
बुध16:4117:44दिन
चंद्र17:4418:47दिन
शनि18:4719:44रात
गुरु19:4420:41रात
मंगल20:4121:38रात
सूर्य21:3822:34रात
शुक्र22:3423:31रात
बुध23:3100:28रात
चंद्र00:2801:25रात
शनि01:2502:21रात
गुरु02:2103:18रात
मंगल03:1804:15रात
सूर्य04:1505:12रात
शुक्र05:1206:08रात

अयनांश 24.2087° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।