31 मार्च 2025 को पर्थ का चौघड़िया

सोमवार, 31 मार्च 2025, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

सोमवार, 31 मार्च 2025 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (11:41 तक), नक्षत्र अश्विनी (16:15 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:27 पर और सूर्यास्त 18:13 पर है। राहुकाल 07:55 से 09:23 तक है।

दिन और रात
दिन 06:27 – 18:13
रात 06:27 तक
तिथि
द्वितीया, 11:41 तक
तृतीया
नक्षत्र
अश्विनी, 16:15 तक
भरणी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:27 – 07:55शुभ
काल07:55 – 09:23टालें
शुभ09:23 – 10:52शुभ
रोग10:52 – 12:20टालें
उद्वेग12:20 – 13:48टालें
चर13:48 – 15:17सामान्य
लाभ15:17 – 16:45शुभ
अमृत16:45 – 18:13शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:13 – 19:45सामान्य
रोग19:45 – 21:17टालें
काल21:17 – 22:49टालें
लाभ22:49 – 00:20शुभ
उद्वेग00:20 – 01:52टालें
शुभ01:52 – 03:24शुभ
अमृत03:24 – 04:56शुभ
चर04:56 – 06:27सामान्य

31 मार्च 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 11:41 तक
शुक्ल तृतीया 08:12, 1 अप्रैल तक
नक्षत्र
भरणी 13:36, 1 अप्रैल तक
योग
वैधृतिअशुभ 16:15 तक
विष्कंभअशुभ 12:18, 1 अप्रैल तक
करण
कौलव 11:41 तक
तैतिल 21:55 तक
गर 08:12, 1 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:27
सूर्यास्त
18:13
चंद्रोदय
08:19
चंद्रास्त
19:16
दिनमान
11h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:49 – 05:38
अभिजीत मुहूर्त
11:56 – 12:44

अशुभ समय

राहुकाल
07:55 – 09:23
यमगंड
10:52 – 12:20
गुलिक काल
13:48 – 15:17

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:2707:26दिन
शनि07:2608:24दिन
गुरु08:2409:23दिन
मंगल09:2310:22दिन
सूर्य10:2211:21दिन
शुक्र11:2112:20दिन
बुध12:2013:19दिन
चंद्र13:1914:18दिन
शनि14:1815:17दिन
गुरु15:1716:15दिन
मंगल16:1517:14दिन
सूर्य17:1418:13दिन
शुक्र18:1319:14रात
बुध19:1420:16रात
चंद्र20:1621:17रात
शनि21:1722:18रात
गुरु22:1823:19रात
मंगल23:1900:20रात
सूर्य00:2001:21रात
शुक्र01:2102:23रात
बुध02:2303:24रात
चंद्र03:2404:25रात
शनि04:2505:26रात
गुरु05:2606:27रात

अयनांश 24.2097° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।