6 अप्रैल 2025 को पर्थ का चौघड़िया

रविवार, 6 अप्रैल 2025, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

रविवार, 6 अप्रैल 2025 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (21:53 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (08:02 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:31 पर और सूर्यास्त 18:06 पर है। राहुकाल 16:39 से 18:06 तक है।

दिन और रात
दिन 06:31 – 18:06
रात 06:31 तक
तिथि
नवमी, 21:53 तक
दशमी
नक्षत्र
पुष्य
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:31 – 07:58टालें
चर07:58 – 09:24सामान्य
लाभ09:24 – 10:51शुभ
अमृत10:51 – 12:18शुभ
काल12:18 – 13:45टालें
शुभ13:45 – 15:12शुभ
रोग15:12 – 16:39टालें
उद्वेग16:39 – 18:06टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:06 – 19:39शुभ
अमृत19:39 – 21:12शुभ
चर21:12 – 22:45सामान्य
रोग22:45 – 00:19टालें
काल00:19 – 01:52टालें
लाभ01:52 – 03:25शुभ
उद्वेग03:25 – 04:58टालें
शुभ04:58 – 06:31शुभ

6 अप्रैल 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल नवमी 21:53 तक
शुक्ल दशमी 22:30, 7 अप्रैल तक
नक्षत्र
पुष्य 08:54, 7 अप्रैल तक
योग
सुकर्मा 21:25 तक
धृति 20:48, 7 अप्रैल तक
करण
बालव 09:50 तक
कौलव 21:53 तक
तैतिल 10:07, 7 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:31
सूर्यास्त
18:06
चंद्रोदय
14:40
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
11h 35m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:52 – 05:41
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:41

अशुभ समय

राहुकाल
16:39 – 18:06
यमगंड
12:18 – 13:45
गुलिक काल
15:12 – 16:39

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:3107:29दिन
शुक्र07:2908:27दिन
बुध08:2709:24दिन
चंद्र09:2410:22दिन
शनि10:2211:20दिन
गुरु11:2012:18दिन
मंगल12:1813:16दिन
सूर्य13:1614:14दिन
शुक्र14:1415:12दिन
बुध15:1216:10दिन
चंद्र16:1017:08दिन
शनि17:0818:06दिन
गुरु18:0619:08रात
मंगल19:0820:10रात
सूर्य20:1021:12रात
शुक्र21:1222:14रात
बुध22:1423:16रात
चंद्र23:1600:19रात
शनि00:1901:21रात
गुरु01:2102:23रात
मंगल02:2303:25रात
सूर्य03:2504:27रात
शुक्र04:2705:29रात
बुध05:2906:31रात

अयनांश 24.2099° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।