4 सितंबर 2025 को पर्थ का चौघड़िया

गुरुवार, 4 सितंबर 2025, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

गुरुवार, 4 सितंबर 2025 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (06:52 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (02:14, 5 सित॰ तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:29 पर और सूर्यास्त 18:01 पर है। राहुकाल 13:42 से 15:08 तक है।

दिन और रात
दिन 06:29 – 18:01
रात 06:28 तक
तिथि
द्वादशी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 02:14 तक
श्रवण
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:29 – 07:56शुभ
रोग07:56 – 09:22टालें
उद्वेग09:22 – 10:49टालें
चर10:49 – 12:15सामान्य
लाभ12:15 – 13:42शुभ
अमृत13:42 – 15:08शुभ
काल15:08 – 16:35टालें
शुभ16:35 – 18:01शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:01 – 19:35शुभ
चर19:35 – 21:08सामान्य
रोग21:08 – 22:41टालें
काल22:41 – 00:15टालें
लाभ00:15 – 01:48शुभ
उद्वेग01:48 – 03:21टालें
शुभ03:21 – 04:55शुभ
अमृत04:55 – 06:28शुभ

4 सितंबर 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 06:52 तक
शुक्ल द्वादशी 06:38, 5 सित॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 02:14, 5 सित॰ तक
श्रवण 02:08, 6 सित॰ तक
योग
सौभाग्य 17:51 तक
शोभन 16:22, 5 सित॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 06:52 तक
बव 18:50 तक
बालव 06:38, 5 सित॰ तक
चंद्र राशि
धनु 07:51 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:29
सूर्यास्त
18:01
चंद्रोदय
14:18
चंद्रास्त
04:12
दिनमान
11h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:49 – 05:39
अभिजीत मुहूर्त
11:52 – 12:38

अशुभ समय

राहुकाल
13:42 – 15:08
यमगंड
06:29 – 07:56
गुलिक काल
09:22 – 10:49

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:2907:27दिन
मंगल07:2708:25दिन
सूर्य08:2509:22दिन
शुक्र09:2210:20दिन
बुध10:2011:18दिन
चंद्र11:1812:15दिन
शनि12:1513:13दिन
गुरु13:1314:11दिन
मंगल14:1115:08दिन
सूर्य15:0816:06दिन
शुक्र16:0617:04दिन
बुध17:0418:01दिन
चंद्र18:0119:04रात
शनि19:0420:06रात
गुरु20:0621:08रात
मंगल21:0822:10रात
सूर्य22:1023:12रात
शुक्र23:1200:15रात
बुध00:1501:17रात
चंद्र01:1702:19रात
शनि02:1903:21रात
गुरु03:2104:24रात
मंगल04:2405:26रात
सूर्य05:2606:28रात

अयनांश 24.2157° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।