10 सितंबर 2025 को पर्थ का चौघड़िया

बुधवार, 10 सितंबर 2025, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

बुधवार, 10 सितंबर 2025 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (18:08 तक), नक्षत्र रेवती (18:33 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:22 पर और सूर्यास्त 18:05 पर है। राहुकाल 12:13 से 13:41 तक है।

दिन और रात
दिन 06:22 – 18:05
रात 06:20 तक
तिथि
तृतीया, 18:08 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
रेवती, 18:33 तक
अश्विनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:22 – 07:50शुभ
अमृत07:50 – 09:17शुभ
काल09:17 – 10:45टालें
शुभ10:45 – 12:13शुभ
रोग12:13 – 13:41टालें
उद्वेग13:41 – 15:09टालें
चर15:09 – 16:37सामान्य
लाभ16:37 – 18:05शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:05 – 19:37टालें
शुभ19:37 – 21:09शुभ
अमृत21:09 – 22:41शुभ
चर22:41 – 00:13सामान्य
रोग00:13 – 01:45टालें
काल01:45 – 03:16टालें
लाभ03:16 – 04:48शुभ
उद्वेग04:48 – 06:20टालें

10 सितंबर 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 18:08 तक
कृष्ण चतुर्थी 15:16, 11 सित॰ तक
नक्षत्र
रेवती 18:33 तक
अश्विनी 16:28, 11 सित॰ तक
योग
वृद्धि 23:01 तक
ध्रुव 19:34, 11 सित॰ तक
करण
वणिज 07:34 तक
विष्टि (भद्रा) 18:08 तक
बव 04:41, 11 सित॰ तक
बालव 15:16, 11 सित॰ तक
चंद्र राशि
मीन 18:33 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:22
सूर्यास्त
18:05
चंद्रोदय
21:01
चंद्रास्त
07:36
दिनमान
11h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:43 – 05:32
अभिजीत मुहूर्त
11:50 – 12:37 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:13 – 13:41
यमगंड
07:50 – 09:17
गुलिक काल
10:45 – 12:13

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:2207:20दिन
चंद्र07:2008:19दिन
शनि08:1909:17दिन
गुरु09:1710:16दिन
मंगल10:1611:15दिन
सूर्य11:1512:13दिन
शुक्र12:1313:12दिन
बुध13:1214:11दिन
चंद्र14:1115:09दिन
शनि15:0916:08दिन
गुरु16:0817:06दिन
मंगल17:0618:05दिन
सूर्य18:0519:06रात
शुक्र19:0620:08रात
बुध20:0821:09रात
चंद्र21:0922:10रात
शनि22:1023:11रात
गुरु23:1100:13रात
मंगल00:1301:14रात
सूर्य01:1402:15रात
शुक्र02:1503:16रात
बुध03:1604:18रात
चंद्र04:1805:19रात
शनि05:1906:20रात

अयनांश 24.2159° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।