1 अक्टूबर 2025 को पर्थ का चौघड़िया

बुधवार, 1 अक्टूबर 2025, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

बुधवार, 1 अक्टूबर 2025 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (21:31 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (10:36 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:54 पर और सूर्यास्त 18:18 पर है। राहुकाल 12:06 से 13:39 तक है।

दिन और रात
दिन 05:54 – 18:18
रात 05:53 तक
तिथि
नवमी, 21:31 तक
दशमी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 10:36 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:54 – 07:27शुभ
अमृत07:27 – 09:00शुभ
काल09:00 – 10:33टालें
शुभ10:33 – 12:06शुभ
रोग12:06 – 13:39टालें
उद्वेग13:39 – 15:12टालें
चर15:12 – 16:45सामान्य
लाभ16:45 – 18:18शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:18 – 19:45टालें
शुभ19:45 – 21:12शुभ
अमृत21:12 – 22:39शुभ
चर22:39 – 00:05सामान्य
रोग00:05 – 01:32टालें
काल01:32 – 02:59टालें
लाभ02:59 – 04:26शुभ
उद्वेग04:26 – 05:53टालें

1 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल नवमी 21:31 तक
शुक्ल दशमी 21:41, 2 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 11:43, 2 अक्टू॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 03:03, 2 अक्टू॰ तक
सुकर्मा 01:58, 3 अक्टू॰ तक
करण
बालव 09:09 तक
कौलव 21:31 तक
तैतिल 09:42, 2 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
धनु 16:57 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:54
सूर्यास्त
18:18
चंद्रोदय
12:02
चंद्रास्त
02:05
दिनमान
12h 24m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:21 – 05:08
अभिजीत मुहूर्त
11:41 – 12:31 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:06 – 13:39
यमगंड
07:27 – 09:00
गुलिक काल
10:33 – 12:06

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:5406:56दिन
चंद्र06:5607:58दिन
शनि07:5809:00दिन
गुरु09:0010:02दिन
मंगल10:0211:04दिन
सूर्य11:0412:06दिन
शुक्र12:0613:08दिन
बुध13:0814:10दिन
चंद्र14:1015:12दिन
शनि15:1216:14दिन
गुरु16:1417:16दिन
मंगल17:1618:18दिन
सूर्य18:1819:16रात
शुक्र19:1620:14रात
बुध20:1421:12रात
चंद्र21:1222:10रात
शनि22:1023:07रात
गुरु23:0700:05रात
मंगल00:0501:03रात
सूर्य01:0302:01रात
शुक्र02:0102:59रात
बुध02:5903:57रात
चंद्र03:5704:55रात
शनि04:5505:53रात

अयनांश 24.2167° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।